उत्तर प्रदेश

प्रेम विवाह से नाराज पिता का अनोखा विरोध

Kavita2
18 Sept 2026 2:12 PM IST
प्रेम विवाह से नाराज पिता का अनोखा विरोध
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पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम विवाह के फैसले से नाराज एक पिता ने अपनी जीवित बेटी के प्रति विरोध जताने के लिए ऐसा कदम उठाया, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। आरोप है कि पिता ने बेटी का पुतला बनाकर उसका अंतिम संस्कार किया और पंडितों को बुलाकर पिंडदान, मुंडन और श्राद्ध भोज (ब्रह्मभोज) तक का आयोजन कर दिया।

यह मामला जिले के केनगर प्रखंड अंतर्गत गंगेली पंचायत के चपय गांव का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी मनोज गोस्वामी की बेटी रिया का पड़ोस में रहने वाले युवक मिलन के साथ पिछले करीब एक साल से प्रेम संबंध था।

बताया जा रहा है कि दोनों के घरों के बीच की दूरी महज 150 मीटर थी। दोनों परिवार एक-दूसरे को पहले से जानते थे और उनके बीच सामाजिक संबंध भी थे। हालांकि, दोनों के अलग-अलग जातियों से होने के कारण परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे।

परिजनों के विरोध के बावजूद रिया और मिलन ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने का फैसला किया। इसी बात से नाराज होकर पिता ने बेटी से संबंध खत्म करने का प्रतीकात्मक ऐलान करते हुए पुतला दहन और अंतिम संस्कार जैसी रस्में निभाईं।

ग्रामीणों के अनुसार, पिता ने बाकायदा पंडितों को बुलाया और धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार कार्यक्रम कराया। इसमें पुतले का अंतिम संस्कार किया गया, इसके बाद पिंडदान और मुंडन जैसी रस्में भी पूरी की गईं। इतना ही नहीं, ग्रामीणों के लिए श्राद्ध भोज का आयोजन भी किया गया।

इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों का कहना है कि प्रेम विवाह को लेकर परिवार और समाज के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी, जिसके बाद पिता ने यह कदम उठाया।

वहीं, यह मामला सामाजिक परंपराओं, जातिगत सोच और व्यक्तिगत फैसलों के बीच टकराव को भी सामने लाता है। कई बार प्रेम विवाह के मामलों में परिवारों की असहमति के कारण विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है।

जानकारी के मुताबिक, रिया और मिलन दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन दोनों परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे। अलग-अलग जातियों से होने के कारण विरोध और बढ़ गया।

फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से किसी कार्रवाई या आधिकारिक बयान की जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर चर्चा जारी है।

सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते समय में युवाओं के व्यक्तिगत फैसलों और पारिवारिक-सामाजिक मान्यताओं के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। रिश्तों को लेकर संवाद और समझ से कई विवादों को टाला जा सकता है।

चपय गांव की यह घटना इसलिए चर्चा में है क्योंकि यहां विरोध जताने के लिए अपनाया गया तरीका सामान्य विवादों से अलग रहा। जीवित बेटी के पुतले का अंतिम संस्कार और श्राद्ध जैसी रस्में निभाने की घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है।

फिलहाल पूरे मामले को लेकर इलाके में चर्चाओं का दौर जारी है। आगे की स्थिति परिवार और संबंधित पक्षों के रुख पर निर्भर करेगी।

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