उत्तर प्रदेश

दिल्ली से लखनऊ पहुंच रही थी नकली नोटों की खेप

Kavita2
17 Sept 2026 10:29 AM IST
दिल्ली से लखनऊ पहुंच रही थी नकली नोटों की खेप
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उत्तर प्रदेश : नकली नोटों के नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। सहारनपुर में करेंसी चेस्ट से बड़ी मात्रा में नकली नोट मिलने के मामले के बीच राजधानी लखनऊ में भी नकली नोटों की सप्लाई करने वाले कथित रैकेट का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि दिल्ली से बस और ट्रेन के जरिए नकली नोटों की खेप लखनऊ पहुंचाई जा रही थी।

पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच में कथित तौर पर पता चला है कि इस नेटवर्क का संचालन हारुन नाम के व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। आरोप है कि वह अपने एजेंटों के माध्यम से नकली नोटों की सप्लाई कराता था और इसके लिए सार्वजनिक परिवहन के साधनों का इस्तेमाल किया जाता था।

हालांकि, मामले में पुलिस जांच जारी है और बरामदगी व आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

दिल्ली से लखनऊ तक पहुंचती थी नकली नोटों की खेप

जांच के अनुसार, नकली नोटों को दिल्ली से लखनऊ तक पहुंचाने के लिए बस और ट्रेन मार्ग का इस्तेमाल किया जाता था। आरोप है कि नेटवर्क से जुड़े लोग भीड़भाड़ वाले परिवहन केंद्रों के जरिए नकली नोटों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते थे।

बताया जा रहा है कि नोटों के बंडलों को प्लास्टिक और बॉक्स में पैक किया जाता था, ताकि उन्हें सामान्य सामान की तरह ले जाया जा सके और किसी को शक न हो।

बस अड्डों और एक्सप्रेस वे से होती थी डिलीवरी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर नकली नोटों की डिलीवरी के लिए आनंद विहार और अन्य बस अड्डों का इस्तेमाल किया जाता था।

लखनऊ पहुंचने के बाद आलमबाग बस अड्डे या आगरा एक्सप्रेस वे जैसे स्थानों पर खेप लेने के लिए नेटवर्क से जुड़े लोग पहुंचते थे। जांच एजेंसियां अब इस पूरी सप्लाई चेन को समझने का प्रयास कर रही हैं।

एजेंटों के जरिए चल रहा था नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, इस तरह के अपराधों में मुख्य संचालक अक्सर सीधे तौर पर सामने नहीं आते और अलग-अलग एजेंटों के माध्यम से काम करते हैं।

जांच में हारुन नाम के व्यक्ति की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि वह एजेंटों की मदद से नकली नोटों को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाता था।

अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और नकली नोटों की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों में की जा रही थी।

सहारनपुर मामले के बाद बढ़ी सतर्कता

सहारनपुर में करेंसी चेस्ट के अंदर 17 करोड़ रुपये से अधिक के नकली नोट मिलने के मामले के बाद नकली मुद्रा नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

नकली नोटों के मामले आर्थिक सुरक्षा से जुड़े होते हैं, इसलिए पुलिस और खुफिया एजेंसियां ऐसे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश करती हैं। बैंकिंग सिस्टम, परिवहन मार्ग और संदिग्ध लेन-देन की भी जांच की जाती है।

डिजिटल और भौतिक साक्ष्य जुटा रही एजेंसियां

जांच एजेंसियां अब इस मामले में डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल संपर्क, यात्रा विवरण और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि नकली नोट कहां तैयार किए जा रहे थे और उन्हें किन माध्यमों से बाजार तक पहुंचाया जाता था।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

नकली नोटों के खिलाफ कार्रवाई जारी

नकली मुद्रा के कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं। ऐसे मामलों में केवल सप्लायर ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को पकड़ने पर जोर दिया जाता है।

लखनऊ में सामने आए इस कथित रैकेट के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इसका संबंध किसी बड़े नेटवर्क से है या नहीं।

फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच जारी है। आने वाले दिनों में मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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