उत्तर प्रदेश

मुजफ्फरनगर के भैरो मंदिर में धार्मिक और राष्ट्रभक्ति का संगम, गूंजे भोलेनाथ के जयकारे

Ratna Netam
4 Aug 2026 6:43 PM IST
मुजफ्फरनगर के भैरो मंदिर में धार्मिक और राष्ट्रभक्ति का संगम, गूंजे भोलेनाथ के जयकारे
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मुजफ्फरनगर : श्रावण मास के प्रथम सोमवार के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित अंसारी रोड के प्राचीन भैरो मंदिर में धार्मिक आस्था और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। भारत तिब्बत सहयोग मंच (युवा विभाग) के तत्वावधान में आयोजित विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, शिवभक्तों और संगठन के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। वेद मंत्रों के सस्वर उच्चारण के बीच भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया गया और देश की सांस्कृतिक विरासत तथा कैलाश मानसरोवर की महत्ता को लेकर विशेष संकल्प दोहराया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान शिव के पूजन-अर्चन और जलाभिषेक से हुई। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष के साथ पूजा-अर्चना की। आयोजन के दौरान उपस्थित लोगों ने श्रावण मास की धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए भगवान शिव से देश की सुख-समृद्धि, शांति और अखंडता की कामना की। कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह धार्मिक और उत्साहपूर्ण बना रहा।
इस अवसर पर भारत तिब्बत सहयोग मंच के युवा विभाग के जिलाध्यक्ष अभिलक्ष मित्तल और जिला महामंत्री पुनीत गुप्ता ने मुख्य अतिथियों एवं पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम में मंच के मुख्य विभाग के जिलाध्यक्ष डॉ. अजय गर्ग और जिला महामंत्री विष्णु स्वरूप अग्रवाल मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित रहे। दोनों ने श्रद्धालुओं के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया और शिवभक्तों को श्रावण मास के धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अजय गर्ग ने कैलाश मानसरोवर की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का निवास माने जाने वाले कैलाश मानसरोवर का भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भारतीय संस्कृति और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए सदैव जागरूक रहने का आह्वान किया।
वहीं, जिला महामंत्री विष्णु स्वरूप अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में भारत तिब्बत सहयोग मंच पूरे देश में "श्रावण संकल्प अभियान" चला रहा है। इस अभियान का उद्देश्य कैलाश मानसरोवर के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और उसके सांस्कृतिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि संगठन समय-समय पर इस विषय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जोड़ने का प्रयास करता है।
कार्यक्रम संयोजक अभिलक्ष मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत तिब्बत सहयोग मंच चीन की विस्तारवादी और दमनकारी नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्र है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का संचालन मेरठ प्रांत के युवा प्रांतीय महामंत्री अतिन संगल और प्रांत युवा मंत्री अभिषेक वर्मा ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान अतिन संगल ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं को श्रावण संकल्प की शपथ दिलाई। सभी ने भगवान शिव के समक्ष राष्ट्रहित और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर शिवभक्ति और देशभक्ति के नारों से गूंजता रहा। 'हर-हर महादेव' और 'जय भोलेनाथ' के जयघोष के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं और उपस्थित लोगों को शिवभोग एवं प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के बाद लोगों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे धार्मिक आस्था और सामाजिक जागरूकता का प्रेरणादायी कार्यक्रम बताया।
इस अवसर पर पंडित सुनील डबराल, अनुज कुमार, दीपाली गुप्ता, ऋचा मित्तल सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त, मातृशक्ति की प्रतिनिधियां, सामाजिक कार्यकर्ता और भारत तिब्बत सहयोग मंच के पदाधिकारी उपस्थित रहे। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं जनजागरण कार्यक्रम लगातार आयोजित करने की बात कही।
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