उत्तर प्रदेश

सांप के काटने से सगे भाई-बहन की मौत

Rajeshwari Nishad
17 Oct 2026 8:50 PM IST
सांप के काटने से सगे भाई-बहन की मौत
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बांदा : रात में परिवार के साथ चारपाई पर सो रहे दो बच्चों की सांप के डसने से मौत हो गई। बेटी की चीख सुनकर मां की नींद खुली तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। मां के मुताबिक, उन्होंने सांप को वहां से जाते हुए भी देखा। हादसे में एक ही परिवार के दो बच्चों की जान चली गई, जबकि कमरे में अलग-अलग चारपाइयों पर सो रहे मां और अन्य भाई-बहन सुरक्षित बच गए। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
बेटी की चीख सुनकर खुली मां की नींद
यह घटना उस समय हुई, जब परिवार के सभी सदस्य रात में अपने घर के कमरे में सो रहे थे। गर्मी या मौसम की अन्य परिस्थितियों में ग्रामीण इलाकों में कई परिवार घर के अंदर चारपाई पर सोते हैं। इसी दौरान जहरीले सांप के काटने की आशंका से जुड़ा यह दर्दनाक हादसा सामने आया।
मिली जानकारी के अनुसार, परिवार के बच्चे भी रात में सो रहे थे। तभी बेटी की चीख सुनकर मां की नींद खुल गई। मां ने जब स्थिति को समझने की कोशिश की, तो उन्हें पता चला कि बच्चों को सांप ने डस लिया है। मां के मुताबिक, उन्होंने सांप को वहां से जाते हुए देखा था। अचानक हुई इस घटना से परिवार के लोगों में घबराहट फैल गई।
हालांकि, घटना किस समय हुई, बच्चों की उम्र क्या थी और उन्हें इलाज के लिए कहां ले जाया गया, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
सगे भाई-बहन की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सांप के काटने से दोनों बच्चों की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। जिन बच्चों के साथ परिवार ने भविष्य के सपने देखे होंगे, उन्हें इस तरह खो देना बेहद पीड़ादायक है। मां के लिए यह हादसा किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। बेटी की चीख सुनकर जागना और फिर बच्चों के साथ हुई अनहोनी का पता चलना परिवार के लिए बेहद मुश्किल पल रहा होगा।
परिवार के अन्य सदस्य भी इसी कमरे में अलग-अलग चारपाइयों पर सो रहे थे। मां के अनुसार, कमरे में मौजूद दूसरे भाई-बहन और वह खुद सुरक्षित रहे। ऐसे में एक ही कमरे में सो रहे दो बच्चों की मौत और बाकी सदस्यों का बच जाना घटना को और भी दर्दनाक बनाता है।
फिलहाल घटना के स्थान, बच्चों के नाम और उनकी उम्र की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इन विवरणों के बारे में बिना पुष्टि कोई दावा करना उचित नहीं होगा।
बारिश और गर्मी के मौसम में बढ़ सकता है सांपों का खतरा
सांप अक्सर भोजन और सुरक्षित जगह की तलाश में घरों, आंगन, गोदामों या अन्य स्थानों तक पहुंच सकते हैं। बारिश के मौसम में बिलों में पानी भरने या आसपास की परिस्थितियों में बदलाव के कारण भी सांप रिहायशी इलाकों में दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, इस घटना में सांप घर के अंदर कैसे पहुंचा, इसकी जानकारी नहीं है।
ग्रामीण और खेतों के आसपास बसे क्षेत्रों में लोगों को रात के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। घर के आसपास
घास-फूस
, लकड़ी, ईंटों के ढेर और कूड़ा जमा होने से सांपों के छिपने की जगह बन सकती है। ऐसे स्थानों की नियमित सफाई करना और घर के दरवाजों तथा अन्य संभावित प्रवेश मार्गों को सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है।
सांप के काटने पर तुरंत क्या करें?
सांप के काटने की आशंका होने पर समय बर्बाद किए बिना व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए। जहरीले सांप के काटने पर समय पर चिकित्सा मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। कई बार काटने के बाद शुरुआती लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि खतरा टल गया है।
ऐसी स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को शांत रखें और अनावश्यक रूप से चलने-फिरने से बचाएं। काटे गए अंग को जितना संभव हो स्थिर रखें और जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता लें। घाव को काटना, जहर चूसने की कोशिश करना, कसकर रस्सी या कपड़ा बांधना अथवा झाड़-फूंक के भरोसे इलाज में देरी करना खतरनाक हो सकता है।
यदि संभव हो, तो सुरक्षित दूरी से सांप की पहचान संबंधी जानकारी नोट की जा सकती है, लेकिन उसे पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इलाज के लिए सांप को साथ ले जाना जरूरी नहीं है।
रात में सोते समय इन बातों का रखें ध्यान
सांप के काटने जैसी घटनाओं से बचाव के लिए घर के आसपास सफाई रखना जरूरी है। सोने से पहले कमरे और चारपाई के आसपास जांच करें। दरवाजों के नीचे खाली जगह हो तो उसे बंद करने की व्यवस्था करें। बिस्तर को दीवार से थोड़ा दूर रखना और मच्छरदानी का सही तरीके से इस्तेमाल करना भी सुरक्षा में मदद कर सकता है। मच्छरदानी का किनारा जमीन तक ठीक से लगा हो और उसमें कोई खुला रास्ता न हो, इसका ध्यान रखें।
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