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आरा-बलिया के बीच बनेगी 27 किमी फोरलेन सड़क अक्टूबर में हो सकता है शिलान्यास

आरा। बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना आरा-बलिया फोरलेन सड़क के शिलान्यास की तैयारी तेज हो गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-922 और राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को जोड़ने वाली इस प्रस्तावित सड़क परियोजना को लेकर विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
करीब 27 किलोमीटर लंबी इस फोरलेन सड़क का निर्माण आरा और उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बैरिया क्षेत्र के बीच किया जाना है। परियोजना की अनुमानित लागत 1564 करोड़ रुपये तय की गई है। सड़क निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अक्टूबर महीने में निर्माण एजेंसी का चयन होने की उम्मीद है।
निर्माण एजेंसी तय होने के बाद सड़क परियोजना का शिलान्यास भी अक्टूबर में ही कराने की तैयारी चल रही है। अधिकारियों के अनुसार, दशहरा से पहले इस महत्वपूर्ण परियोजना का शुभारंभ करने की योजना बनाई जा रही है।
11 अक्टूबर को शिलान्यास की संभावना
सूत्रों के अनुसार, लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती 11 अक्टूबर को सड़क परियोजना के शिलान्यास की संभावित तिथि के रूप में रखा गया है। हालांकि अंतिम कार्यक्रम और तिथि की आधिकारिक घोषणा संबंधित विभागों की मंजूरी के बाद की जाएगी।
इस परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सड़क बनने के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों के बीच आवागमन आसान हो जाएगा।
बेहतर होगी बिहार-यूपी कनेक्टिविटी
आरा-बलिया फोरलेन सड़क के निर्माण से दोनों राज्यों के बीच परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में कई स्थानों पर यातायात दबाव और सड़क की सीमित क्षमता के कारण लोगों को परेशानी होती है।
फोरलेन सड़क बनने के बाद यात्रा का समय कम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। खासकर कृषि उत्पादों, उद्योग और स्थानीय कारोबार को इसका लाभ मिलने की संभावना है।
परियोजना से जुड़े हैं कई फायदे
इस सड़क परियोजना का उद्देश्य केवल यातायात सुविधा बढ़ाना नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय विकास को गति देना भी है। सड़क के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और नए व्यवसायिक केंद्र विकसित होने की संभावना है।
बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी फायदा मिलेगा। उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंचने में आसानी होगी।
निविदा प्रक्रिया शुरू
सड़क निर्माण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और संबंधित विभागों की ओर से प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। निविदा जारी होने के बाद अब निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया चल रही है।
अक्टूबर में एजेंसी का चयन होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में तेजी आएगी। अधिकारियों का लक्ष्य है कि परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
क्षेत्र के लोगों में उत्साह
आरा और बलिया क्षेत्र के लोगों में इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फोरलेन सड़क बनने से लंबे समय से चली आ रही यातायात संबंधी समस्याओं का समाधान होगा।
व्यापारियों का मानना है कि बेहतर सड़क सुविधा से बाजारों तक पहुंच आसान होगी और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। आरा-बलिया फोरलेन सड़क भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर हाईवे नेटवर्क किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाता है। इससे उद्योग, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है।
फिलहाल सड़क परियोजना के शिलान्यास को लेकर तैयारियां जारी हैं। अक्टूबर में निर्माण एजेंसी के चयन के बाद परियोजना का औपचारिक शुभारंभ किए जाने की उम्मीद है।
आरा से बलिया तक बनने वाली यह फोरलेन सड़क आने वाले वर्षों में क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को बदल सकती है और बिहार-उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क को और मजबूत बना सकती है।





