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28 दिनों में 61,287 यात्रियों ने किया सफर, उम्मीदों से कम रहा आंकड़ा

जेवर। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत के बाद पहला महीना पूरा कर लिया है। हालांकि, शुरुआती 28 दिनों में यात्रियों की संख्या अनुमान के मुकाबले काफी कम रही है। एयरपोर्ट से इस अवधि में कुल 61,287 यात्रियों ने सफर किया, जबकि हर महीने करीब 4 लाख यात्रियों के आने का अनुमान लगाया गया था।
दिल्ली-एनसीआर के दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में 15 जून को शुरू हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरुआत में चार शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू की गई थीं। इसके बाद एक दिन के भीतर ही यह संख्या बढ़कर पांच शहरों तक पहुंच गई। एक जुलाई से कई अन्य शहरों को भी एयरपोर्ट से जोड़ा गया, लेकिन इसके बावजूद यात्रियों की संख्या उम्मीद के अनुसार नहीं बढ़ सकी।
एयरपोर्ट संचालन के पहले 28 दिनों में 61,287 यात्रियों का आंकड़ा सामने आया है। हालांकि, एक जुलाई से उड़ानों की संख्या और कनेक्टिविटी में विस्तार के बाद यात्रियों की संख्या में कुछ बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद यह आंकड़ा अनुमानित संख्या से काफी पीछे है।
कम यात्री संख्या का असर एयरलाइंस की सेवाओं पर भी देखने को मिला है। यात्रियों की अपेक्षाकृत कम संख्या को देखते हुए अकासा एयर और इंडिगो जैसी विमानन कंपनियों ने अपनी उड़ान सेवाओं में बदलाव किए हैं। कुछ रूटों पर उड़ानों की संख्या और संचालन योजना में संशोधन किया गया है।
जानकारों के अनुसार, नोएडा एयरपोर्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए अभी सार्वजनिक परिवहन विकल्प सीमित हैं। मेट्रो कनेक्टिविटी की कमी और सड़क मार्ग से पहुंचने में लगने वाला समय भी यात्रियों की संख्या को प्रभावित कर रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर शुरुआत से ही बड़े यात्री दबाव का अनुमान लगाया गया था। दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों के लिए इसे एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है। लेकिन शुरुआती चरण में यात्रियों का रुझान अपेक्षाकृत कम रहने से संचालन से जुड़े अधिकारियों के सामने नई चुनौतियां सामने आई हैं।
इसकी तुलना में नवी मुंबई एयरपोर्ट ने शुरुआती महीनों में बेहतर यात्री आंकड़े दर्ज किए थे। नवी मुंबई एयरपोर्ट पर दिसंबर से मार्च के बीच करीब 6.38 लाख यात्रियों ने यात्रा की थी। इसके मुकाबले नोएडा एयरपोर्ट का शुरुआती प्रदर्शन काफी कम रहा है।
हालांकि, एयरपोर्ट प्रबंधन को उम्मीद है कि आने वाले समय में उड़ानों की संख्या बढ़ने, नए शहरों से कनेक्टिविटी जुड़ने और बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद यात्रियों की संख्या में तेजी आएगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भविष्य में देश के प्रमुख विमानन केंद्रों में शामिल करने की योजना है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और अधिक उड़ान विकल्प मिलेंगे, वैसे-वैसे एयरपोर्ट की यात्री संख्या में भी सुधार देखने को मिलेगा।
फिलहाल, शुरुआती एक महीने के आंकड़े एयरपोर्ट के लिए चुनौती जरूर हैं, लेकिन आने वाले महीनों में नए रूट, बेहतर परिवहन सुविधाएं और यात्रियों का बढ़ता भरोसा इसकी रफ्तार को बदल सकते हैं।





