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यूपी विधान परिषद चुनाव में 54.58% वोटिंग, गोरखपुर-फैजाबाद सबसे आगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर हुए मतदान में कुल 54.58 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार खंड स्नातक और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत में काफी अंतर देखने को मिला। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं ने अधिक उत्साह दिखाया, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान अपेक्षाकृत कम रहा। सबसे अधिक मतदान गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 79.32 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम मतदान मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 35.81 प्रतिशत रहा।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान कराया गया। सभी 11 सीटों पर कुल मतदान प्रतिशत 54.58 रहा। हालांकि आगरा में तीन मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराया जाना है। ऐसे में इन केंद्रों पर पुनर्मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम आंकड़ों में बदलाव संभव है।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की रफ्तार रही धीमी
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पांच खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के अनुसार लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 39.83 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में केवल 35.81 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले।
आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 49.75 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पांचों स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे अधिक रहा। वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 41.11 प्रतिशत और इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 41.40 प्रतिशत मतदान हुआ।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत 50 फीसदी से नीचे रहा। मेरठ में सबसे कम मतदान होने के कारण वहां मतदाताओं की भागीदारी को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि कम मतदान के पीछे वास्तविक कारणों का आकलन विस्तृत समीक्षा के बाद ही किया जा सकेगा।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में दिखा जबरदस्त उत्साह
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मुकाबले शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान को लेकर अधिक उत्साह देखने को मिला। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक 79.32 प्रतिशत मतदान हुआ।
इसके बाद बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 73.69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी मतदान का प्रतिशत काफी अच्छा रहा और यहां 69.87 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई।
आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 59.82 प्रतिशत मतदान हुआ। मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 57.64 प्रतिशत और लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 52.19 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक मतदान से यह संकेत मिलता है कि इन क्षेत्रों के मतदाताओं ने चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई। विशेष रूप से गोरखपुर-फैजाबाद और बरेली-मुरादाबाद में मतदान का प्रतिशत उल्लेखनीय रहा।
आगरा के तीन बूथों पर दोबारा होगा मतदान
विधान परिषद चुनाव के बीच आगरा से एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। यहां तीन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इन बूथों पर अगले दिन फिर से वोट डाले जाएंगे।
हालांकि उपलब्ध जानकारी में पुनर्मतदान के कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी प्रकार की अनियमितता या तकनीकी समस्या को इसकी वजह बताना उचित नहीं होगा।
तीन बूथों पर दोबारा मतदान होने के कारण आगरा निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम मतदान आंकड़ों में कुछ बदलाव संभव है। पुनर्मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के आंकड़ों को अंतिम रूप दिया जा सकेगा।
स्नातक और शिक्षक सीटों पर मतदान में बड़ा अंतर
इस चुनाव की सबसे महत्वपूर्ण बात स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत का अंतर रहा। जहां स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में किसी भी सीट पर मतदान 50 प्रतिशत तक नहीं पहुंचा, वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सभी छह सीटों पर मतदान 50 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया।
मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 35.81 प्रतिशत मतदान के मुकाबले गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 79.32 प्रतिशत मतदान हुआ। दोनों क्षेत्रों के बीच 43.51 प्रतिशत अंकों का अंतर रहा।
यह अंतर मतदाताओं की भागीदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। हालांकि दोनों निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता संरचना और संख्या अलग-अलग होने के कारण केवल मतदान प्रतिशत के आधार पर किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी की स्थिति का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
चुनाव परिणामों पर टिकी प्रत्याशियों की नजर
विधान परिषद की 11 सीटों पर मतदान के बाद अब प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की नजर आगामी चुनावी प्रक्रिया पर टिकी है। मतदान प्रतिशत के आधार पर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं जरूर तेज हो सकती हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी।
विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग होता है। इन क्षेत्रों में निर्धारित पात्रता रखने वाले पंजीकृत मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।
फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 54.58 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। आगरा के तीन बूथों पर पुनर्मतदान के बाद चुनाव प्रक्रिया का यह चरण पूरा होगा। इसके बाद मतगणना और परिणामों से तय होगा कि इन 11 सीटों पर किन प्रत्याशियों को जीत मिलती है।





