- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- स्कॉर्पियो से मिले 5...
स्कॉर्पियो से मिले 5 लाख आबकारी अधीक्षक के घर भेजी जा रही थी कथित रिश्वत की रकम

राउरकेला। ओडिशा विजिलेंस ने शुक्रवार को राउरकेला में एक स्कॉर्पियो गाड़ी रोककर उससे पांच लाख रुपये नकद बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार, यह रकम कथित तौर पर राउरकेला के आबकारी अधीक्षक धनेश्वर बारद द्वारा अपने घर भेजी जा रही थी। विजिलेंस का आरोप है कि अधिकारी ने आबकारी लाइसेंस धारकों से रिश्वत के रूप में रकम वसूली थी। इसी संबंध में मिली सूचना के आधार पर टीम ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और वाहन को रोककर नकदी जब्त की। हालांकि, बरामद रकम का रिश्वत से संबंध अभी आरोप और जांच का विषय है।
विजिलेंस के अनुसार, उसे पक्की जानकारी मिली थी कि आबकारी अधीक्षक बारद ने कथित तौर पर लाइसेंस धारकों से भारी मात्रा में रिश्वत की रकम एकत्र की है। सूचना मिलने के बाद टीम ने 11 सितंबर को उनकी गतिविधियों की निगरानी की। इस निगरानी के दौरान रकम को एक वाहन के माध्यम से भेजे जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने राउरकेला के उदितनगर स्थित आबकारी अधीक्षक कार्यालय के सामने संबंधित वाहन को रोका। कार्रवाई के समय गवाहों की मौजूदगी सुनिश्चित किए जाने की बात भी अधिकारियों ने कही है।
रोकी गई स्कॉर्पियो का रजिस्ट्रेशन नंबर OD-14AD-1314 बताया गया है। विजिलेंस अधिकारियों ने गाड़ी से पांच लाख रुपये नकद बरामद किए। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, एक स्थानीय शराब दुकान का सेल्समैन कथित तौर पर यह रकम लेकर जा रहा था। नकदी मिलने के बाद रकम के स्रोत और उसे कहां पहुंचाया जाना था, इस संबंध में जानकारी ली गई। वाहन किसके नाम पर पंजीकृत है और उसका आबकारी अधीक्षक या संबंधित शराब दुकान से क्या संबंध है, इसका विवरण फिलहाल सामने नहीं आया है।
विजिलेंस ने बताया कि रकम ले जा रहे सेल्समैन ने स्वीकार किया कि पांच लाख रुपये उसे आबकारी अधीक्षक धनेश्वर बारद ने दिए थे। अधिकारियों के मुताबिक, सेल्समैन को यह रकम बारद के घर पहुंचाने के लिए कहा गया था। यह कथित बयान नकदी और अधिकारी के बीच संबंध स्थापित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। हालांकि, सेल्समैन के बयान की स्वतंत्र पुष्टि तथा उसके समर्थन में उपलब्ध अन्य साक्ष्यों का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए बयान को विजिलेंस के हवाले से ही देखा जाना चाहिए।
इस मामले में नकदी की बरामदगी और उसके कथित स्रोत को अलग-अलग समझना जरूरी है। गाड़ी से पांच लाख रुपये मिलने की जानकारी विजिलेंस ने दी है, जबकि रकम को रिश्वत की वसूली से जोड़ने का आरोप भी उसी एजेंसी ने लगाया है। रकम वास्तव में किन लोगों से प्राप्त हुई और किन परिस्थितियों में दी गई, यह जांच से स्पष्ट होगा। उपलब्ध विवरण में किसी आबकारी लाइसेंस धारक का नाम नहीं बताया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कथित वसूली एक व्यक्ति से हुई थी या कई लोगों से रकम एकत्र की गई थी।
विजिलेंस की शुरुआती सूचना में भारी मात्रा में रिश्वत वसूलने का आरोप था, लेकिन वाहन से बरामद नकदी पांच लाख रुपये बताई गई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इससे अधिक रकम की बरामदगी का उल्लेख नहीं है। ऐसे में कथित वसूली की कुल राशि के बारे में कोई निश्चित दावा नहीं किया जा सकता। जांच में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जब्त रकम शुरुआती सूचना से किस तरह जुड़ती है। नकदी किस समय सेल्समैन को सौंपी गई और वाहन कार्यालय के सामने कैसे पहुंचा, इन बिंदुओं का विस्तृत घटनाक्रम भी अभी सामने आना बाकी है।
गवाहों की मौजूदगी में वाहन रोके जाने की जानकारी कार्रवाई की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। नकदी की बरामदगी से जुड़े दस्तावेज, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और रकम सौंपे जाने की परिस्थितियां मामले के तथ्यों को स्पष्ट कर सकती हैं। हालांकि, अधिकारियों ने अभी इन दस्तावेजों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया है। बरामद नोटों के मूल्यवर्ग या रकम रखने के तरीके का भी उल्लेख नहीं किया गया है। फिलहाल कार्रवाई की जानकारी वाहन रोकने, नकदी जब्त करने और सेल्समैन के कथित बयान तक सीमित है।
उपलब्ध विवरण में आबकारी अधीक्षक धनेश्वर बारद की गिरफ्तारी, उनके आवास पर तलाशी या उनके खिलाफ दर्ज मामले की धाराओं की जानकारी नहीं दी गई है। बारद का पक्ष भी सामने नहीं आया है। इसलिए उनके खिलाफ आरोपों को सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। इसी तरह रकम ले जा रहे सेल्समैन की कानूनी स्थिति के बारे में भी स्पष्ट जानकारी नहीं है। विजिलेंस की आगे की आधिकारिक जानकारी से यह स्पष्ट होगा कि नकदी बरामद होने के बाद किन व्यक्तियों के संबंध में क्या कार्रवाई की गई।
फिलहाल मामले का केंद्र उदितनगर में रोकी गई स्कॉर्पियो से मिले पांच लाख रुपये और उन्हें आबकारी अधीक्षक के घर पहुंचाने संबंधी कथित निर्देश हैं। विजिलेंस ने अपनी कार्रवाई का आधार लाइसेंस धारकों से रिश्वत वसूली की सूचना बताया है। आगे रकम के स्रोत, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और कथित लेनदेन के साक्ष्यों की पुष्टि से मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।





