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स्कूल बस का इंतजार कर रही 4 साल की बच्ची को कार ने कुचला, चालक फरार

लखनऊ। आईटीआई थाना क्षेत्र के नंदरामपुर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। बच्ची सड़क किनारे अपनी स्कूल बस का इंतजार कर रही थी, तभी तेज रफ्तार कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद आरोपी चालक कार समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।
मृतक बच्ची की पहचान चार वर्षीय छाया पुत्री संजय के रूप में हुई है। वह अलीगंज रोड स्थित तारावती सरोजिनी देवी शिशु मंदिर में नर्सरी कक्षा की छात्रा थी। मंगलवार सुबह वह रोज की तरह स्कूल जाने के लिए तैयार होकर नंदरामपुर क्षेत्र में सड़क किनारे बस का इंतजार कर रही थी।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक कार ने बच्ची को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्ची सड़क पर गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद कार चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय उसे रिवर्स करने की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान कार दोबारा मासूम के ऊपर चढ़ गई। इससे बच्ची को गंभीर चोटें आईं और उसकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, लेकिन चालक कार लेकर मौके से भाग निकला। स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्ची को बचाने की कोशिश की और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
हादसे की सूचना मिलते ही आईटीआई थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई। गंभीर रूप से घायल बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं फरार कार चालक की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है, ताकि आरोपी वाहन और चालक का पता लगाया जा सके।
चार साल की मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली बच्ची की कुछ ही देर बाद मौत की सूचना मिलने से परिजन सदमे में हैं। बच्ची के घर और आसपास के इलाके में मातम का माहौल है।
स्थानीय लोगों ने हादसे को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि क्षेत्र में वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं और सड़क किनारे स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। लोगों ने मांग की है कि आरोपी चालक को जल्द गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
हादसे का सबसे गंभीर पहलू प्रत्यक्षदर्शियों का वह आरोप है, जिसमें चालक द्वारा गाड़ी रिवर्स करते समय बच्ची को दूसरी बार कुचलने की बात कही गई है। पुलिस अब इस दावे की भी जांच करेगी। घटना की सही परिस्थितियां प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होंगी।
सड़क हादसों में तेज रफ्तार लगातार बड़ी वजह बनती जा रही है। खासकर स्कूल, बाजार और आबादी वाले इलाकों में वाहनों की अधिक गति गंभीर खतरा पैदा करती है। नंदरामपुर की यह घटना भी सड़क सुरक्षा और वाहन चालकों की जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है।
स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों के लिए सड़क किनारे बस का इंतजार करना आम बात है। ऐसे क्षेत्रों में वाहन चालकों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपेक्षा की जाती है। लेकिन यदि रफ्तार नियंत्रित न हो तो कुछ सेकंड की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
पुलिस की प्राथमिकता अब आरोपी चालक और वाहन की पहचान करना है। इसके लिए घटनास्थल के आसपास मौजूद दुकानों, घरों और अन्य प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों की फुटेज महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों से वाहन के रंग, मॉडल और नंबर से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी जांच करेगी कि हादसे के समय कार की गति कितनी थी और चालक दुर्घटना के बाद मौके से क्यों भागा। यदि प्रत्यक्षदर्शियों का यह दावा सही पाया जाता है कि बच्ची के ऊपर वाहन दोबारा चढ़ाया गया, तो मामला और गंभीर हो सकता है।
इस घटना ने स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ा दी है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बस स्टॉप और बच्चों के खड़े होने वाले स्थानों पर यातायात नियंत्रण और गति सीमा का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए।
चार वर्षीय छाया की मौत ने एक परिवार से उसकी मासूम बेटी छीन ली। अब परिवार और स्थानीय लोगों की नजर पुलिस की कार्रवाई पर है। सभी की मांग है कि फरार चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाए और मामले की पूरी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी चालक की तलाश जारी है। जांच के बाद ही हादसे के पूरे घटनाक्रम और प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।





