उत्तर प्रदेश

35 लाख छोटे दुकानदारों की नजर फैसले पर, UPPCL में बिजली दरों को लेकर बढ़ी हलचल

nidhi
3 Aug 2026 7:34 AM IST
35 लाख छोटे दुकानदारों की नजर फैसले पर, UPPCL में बिजली दरों को लेकर बढ़ी हलचल
x
घरेलू बिजली दर लागू करने की मांग पर UPPCL में पेंच
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में करीब 35 लाख छोटे दुकानदारों को घरेलू बिजली दर पर बिजली देने की मांग को लेकर मामला उलझ गया है। छोटे व्यापारियों का कहना है कि छोटी दुकानों पर व्यावसायिक श्रेणी की महंगी बिजली दर लागू होने से उनका खर्च बढ़ रहा है, इसलिए उन्हें घरेलू दरों का लाभ दिया जाना चाहिए।
इस मांग को लेकर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) और बिजली नियामक आयोग के सामने लगातार चर्चा चल रही है। हालांकि, बिजली दरों में बदलाव को लेकर कई तकनीकी और वित्तीय चुनौतियां सामने आ रही हैं।
छोटे दुकानदारों की क्या है मांग?
व्यापारी संगठनों का तर्क है कि कई छोटी दुकानें घरेलू उपयोग जैसी सीमित बिजली खपत करती हैं। इनमें किराना दुकान, छोटी जनरल स्टोर, सिलाई-कढ़ाई केंद्र, छोटी मरम्मत की दुकानें और अन्य लघु व्यवसाय शामिल हैं।
दुकानदारों की मांग है कि ऐसी दुकानों को अलग श्रेणी में रखा जाए और उन्हें घरेलू उपभोक्ताओं के समान सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाए।
UPPCL के सामने चुनौती
यदि लाखों छोटे दुकानदारों को घरेलू बिजली दर में शामिल किया जाता है तो बिजली कंपनियों के राजस्व पर असर पड़ सकता है। बिजली वितरण कंपनियां पहले से ही लागत और आय के संतुलन को लेकर दबाव में हैं।
बिजली दरों का निर्धारण नियामक प्रक्रिया के तहत होता है, इसलिए किसी भी बदलाव के लिए आयोग की मंजूरी जरूरी होगी।
व्यापारियों को राहत की उम्मीद
व्यापारी संगठनों का कहना है कि महंगी बिजली दरों से छोटे कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उनका मानना है कि सस्ती बिजली मिलने से छोटे व्यवसायों को राहत मिलेगी और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
आगे क्या होगा?
अब निगाहें बिजली विभाग और नियामक आयोग के फैसले पर हैं। यदि सरकार और आयोग इस मांग पर सहमति बनाते हैं तो लाखों छोटे दुकानदारों को बिजली बिल में बड़ी राहत मिल सकती है। वहीं, बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए अंतिम फैसला लिया जाएगा।
Next Story