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10 लाख का कर्ज चुकाने के लिए 30 किलो चांदी चोरी, MCA पास आरोपी गिरफ्तार

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में सराफा कारोबारी के घर से करीब 75 लाख रुपये कीमत की 30 किलो चांदी चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एमसीए पास और टेक्निकल कंप्यूटर असिस्टेंट सुधांशु अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर नानाराव पार्क में अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखी गई करीब 24 किलो चांदी भी बरामद कर ली गई है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उस पर करीब 10 लाख रुपये का कर्ज था और इसी कर्ज को चुकाने के लिए उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
सराफा कारोबारी के घर से इतनी बड़ी मात्रा में चांदी चोरी होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान एक कैमरे में संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। घटना वाले दिन वह व्यक्ति बैग लेकर सामान्य तरीके से जाते हुए दिखाई दे रहा था। कुछ समय बाद जब वह वापस लौटा तो उसके बैग की स्थिति बदल चुकी थी। बैग उसकी पीठ पर टंगा हुआ था और उसके कंधे भी नीचे की ओर झुके दिखाई दे रहे थे।
पुलिस को इसी गतिविधि से शक हुआ कि लौटते समय बैग के अंदर कोई भारी सामान मौजूद था। पुलिस ने फुटेज को कई बार देखा और संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश की। हालांकि कैमरे की फुटेज धुंधली होने के कारण चेहरा स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहा था। इस वजह से पु
लिस सीधे आरोपी तक नहीं पहुंच पा रही थी।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही थी। पुलिस की छानबीन तेज होने की जानकारी आरोपी सुधांशु अग्रवाल तक भी पहुंच गई। बताया गया कि पुलिस कार्रवाई से घबराकर उसने कोर्ट में वांछित रिपोर्ट से संबंधित अर्जी दाखिल कर दी।
यही अर्जी पुलिस के लिए आरोपी तक पहुंचने का अहम जरिया बन गई। कोर्ट से अर्जी से संबंधित विवरण जब थाने पहुंचा तो पुलिस को संदिग्ध का नाम और पता मिल गया। इसके बाद पुलिस ने मिले नाम और पते को सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिए संदिग्ध से जोड़कर जांच शुरू की। जांच में पुलिस को सुधांशु अग्रवाल पर संदेह मजबूत होता गया।
पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी और सोमवार दोपहर किला चौराहा क्षेत्र से उसे पकड़ लिया। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो चोरी की घटना से जुड़े कई तथ्य सामने आए। पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपी को नानाराव पार्क लेकर पहुंची।
आरोपी ने चोरी की चांदी को नानाराव पार्क में एक ही स्थान पर रखने के बजाय अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने करीब 24 किलो चांदी बरामद कर ली। चोरी हुई कुल चांदी करीब 30 किलो थी, जिसकी कीमत लगभग 75 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस अब बाकी छह किलो चांदी के बारे में जानकारी जुटा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने शेष चांदी कहीं और छिपाई है या उसका कोई हिस्सा बेच दिया गया है। बरामद चांदी को जब्त कर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुधांशु अग्रवाल पढ़ा-लिखा है। उसने एमसीए की पढ़ाई की है और टेक्निकल कंप्यूटर असिस्टेंट के रूप में काम भी कर चुका है। इसके बावजूद वह आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था। उस पर करीब 10 लाख रुपये का कर्ज था।
पुलिस के अनुसार, कर्ज चुकाने के दबाव में आरोपी ने चोरी की योजना बनाई। वारदात के बाद वह चांदी से भरा बैग लेकर निकला। बैग का वजन अधिक होने के कारण लौटते समय उसके कंधे झुके हुए दिखाई दिए। यही छोटी-सी बात जांच टीम की नजर में आ गई और पुलिस ने इसे सुराग के रूप में लिया।
हालांकि फुटेज साफ नहीं होने के कारण पुलिस के लिए आरोपी की पहचान करना आसान नहीं था। अगर आरोपी कोर्ट में अर्जी नहीं लगाता तो पुलिस को उसकी पहचान तक पहुंचने में और समय लग सकता था। अर्जी के जरिए नाम और पता मिलने के बाद पुलिस ने तेजी से जांच आगे बढ़ाई और उसे गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण साबित हुई। फुटेज में चेहरा साफ नहीं था, लेकिन बैग और आरोपी की चाल में आए बदलाव से पुलिस को शक हुआ। इसी आधार पर जांच की दिशा तय हुई।
फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। पुलिस चोरी हुई बाकी चांदी की बरामदगी के लिए उससे पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस वारदात में आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या उसने अकेले ही पूरी योजना बनाई थी। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।





