उत्तर प्रदेश

25 साल पुराना ‘गदर’ कनेक्शन फिर चर्चा में, गोपी कृष्ण पांडेय को भाजपा ने दिया राज्यसभा टिकट

Kavita2
6 Oct 2026 9:27 AM IST
25 साल पुराना ‘गदर’ कनेक्शन फिर चर्चा में, गोपी कृष्ण पांडेय को भाजपा ने दिया राज्यसभा टिकट
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कानपुर। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार बनाए गए गोपी कृष्ण पांडेय अचानक राजनीतिक सुर्खियों में आ गए हैं। लंबे समय से सार्वजनिक राजनीतिक चर्चा से दूर रहे पांडेय का नाम सामने आने के बाद उनके संगठनात्मक सफर के साथ एक करीब 25 साल पुराना किस्सा भी चर्चा में है। यह किस्सा साल 2001 का है, जब नरेंद्र मोदी कानपुर आए थे और गोपी कृष्ण पांडेय के घर ठहरे थे। उसी दौरान दोनों ने कार्यकर्ताओं के साथ फिल्म ‘गदर’ भी देखी थी।

भाजपा ने उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए गोपी कृष्ण पांडेय समेत आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। सूची में धर्मपाल सिंह, श्रुति गंगवार, राधाकांत ओझा, प्रियंका सिंह रावत, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, राम प्रताप सिंह चौहान और गोपी कृष्ण पांडेय शामिल हैं। पांडेय का नाम घोषित होने के बाद कानपुर में उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पुरानी राजनीतिक यात्रा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

गोपी कृष्ण पांडेय लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से जुड़े संगठनों में सक्रिय रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने बजरंग दल, हिंदू जागरण मंच और भाजपा युवा मोर्चा में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। वह राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान भी सक्रिय रहे। इसके बाद संगठन के विभिन्न स्तरों पर काम करते हुए भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति तक पहुंचे।

पांडेय से जुड़ा सबसे चर्चित प्रसंग वर्ष 2001 का है। उस समय कानपुर में संघ की अखिल भारतीय प्रचारकों की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर से संगठन से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रचारक पहुंचे थे। नरेंद्र मोदी उस समय भाजपा में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल रहे थे। कानपुर पहुंचने के बाद वह गोपी कृष्ण पांडेय के घर ठहरे थे। अलग-अलग रिपोर्टों में उनके वहां दो से तीन दिन तक रहने का उल्लेख है।

बताया जाता है कि उस दौरान नरेंद्र मोदी के बाल काफी बढ़ गए थे। गोपी कृष्ण पांडेय के घर पर ही नाई बुलाकर उनके बाल कटवाए गए। इसके बाद वह नहाने और भोजन के बाद तैयार हुए। अगले दिन संगठन की बैठक थी, जबकि शाम का समय खाली था। इसी दौरान बातचीत में फिल्म देखने का कार्यक्रम बन गया।

उन दिनों सनी देओल और अमीषा पटेल अभिनीत फिल्म ‘गदर’ सिनेमाघरों में जबरदस्त चर्चा में थी। रिपोर्टों के अनुसार नरेंद्र मोदी, गोपी कृष्ण पांडेय और कुछ अन्य कार्यकर्ता कानपुर के लाल पैलेस सिनेमाघर पहुंचे और साथ में फिल्म देखी। यह घटना 2001 की है और अब पांडेय को राज्यसभा का टिकट मिलने के बाद फिर से सुर्खियों में आ गई है।

गोपी कृष्ण पांडेय और नरेंद्र मोदी का संगठनात्मक परिचय भी काफी पुराना बताया जाता है। पांडेय ने विभिन्न साक्षात्कारों में अपने पुराने संबंधों और संगठन के काम के दौरान हुई मुलाकातों का जिक्र किया है। उनके मुताबिक नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और संगठन के प्रति समर्पण ने उन पर गहरा प्रभाव डाला था। बाद में उन्होंने अपना कारोबार छोड़कर पूरी तरह संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रियता बढ़ाई।

राजनीतिक सफर की बात करें तो गोपी कृष्ण पांडेय भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं। इसके बाद उन्हें भाजपा किसान मोर्चा में भी प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। संगठन ने उन्हें दूसरे राज्यों में भी काम करने का मौका दिया और वह आंध्र प्रदेश तथा कर्नाटक जैसे राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों से जुड़े रहे। वह भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में भी शामिल रहे हैं।

हाल के वर्षों में गोपी कृष्ण पांडेय किसी प्रमुख पद पर दिखाई नहीं दे रहे थे। यही वजह है कि राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम आने पर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई। पार्टी के भीतर लंबे समय तक संगठन के लिए काम करने वाले कार्यकर्ता के रूप में उनकी पहचान रही है। राज्यसभा टिकट मिलने के बाद उनका पुराना राजनीतिक और संगठनात्मक रिकॉर्ड फिर सामने आ गया है।

दिलचस्प बात यह भी है कि पांडेय ने एक बातचीत में बताया कि उन्हें अपनी उम्मीदवारी की जानकारी पार्टी की घोषणा सामने आने के बाद मीडिया के जरिए मिली। इसके बाद परिवार और समर्थकों के बीच खुशी का माहौल बन गया। कानपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें बधाई दी।

गोपी कृष्ण पांडेय का राज्यसभा उम्मीदवार बनाया जाना कानपुर की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। भाजपा ने इस चुनाव में कानपुर और उससे जुड़े क्षेत्र से प्रकाश पाल और गोपी कृष्ण पांडेय जैसे संगठनात्मक चेहरों पर भरोसा जताया है। श्रुति गंगवार का भी कानपुर से पारिवारिक संबंध है। ऐसे में भाजपा की उम्मीदवार सूची में कानपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व चर्चा का विषय बना हुआ है।

फिलहाल गोपी कृष्ण पांडेय की उम्मीदवारी के साथ उनके करीब ढाई दशक पुराने राजनीतिक संबंध और संगठनात्मक यात्रा दोनों चर्चा में हैं। कभी संगठन के सामान्य कार्यकर्ता के घर ठहरे नरेंद्र मोदी के साथ ‘गदर’ फिल्म देखने का वह पुराना प्रसंग अब राज्यसभा टिकट मिलने के बाद एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में याद किया जा रहा है। पांडेय के लिए यह सफर बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच जैसे संगठनों में सक्रियता से शुरू होकर अब राज्यसभा की दहलीज तक पहुंच गया है।

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