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देवरिया-गोरखपुर में बनेंगे 24 नए पुल, गांवों को मिलेगी राहत

गोरखपुर/देवरिया। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने और जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शासन ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य योजना (ग्रामीण) के तहत देवरिया और गोरखपुर जिलों में 24 लघु सेतुओं के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 29 करोड़ 77 लाख 53 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन कार्यों को शुरू कराने के लिए शासन ने पहली किस्त के रूप में 5 करोड़ 95 लाख 54 हजार रुपये जारी कर दिए हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) इन परियोजनाओं को पूरा कराएगा।
पुराने और जर्जर पुलों की जगह बनेंगे नए सेतु
ग्रामीण क्षेत्रों में कई संपर्क मार्गों पर बने पुराने लघु सेतु और पुलिया खराब हालत में हैं। बारिश के मौसम में जलभराव और आवागमन की समस्या बढ़ जाती है।
इसी समस्या को देखते हुए लोक निर्माण विभाग पुराने और क्षतिग्रस्त लघु सेतुओं के स्थान पर नए सेतु, पुलिया और बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण कराएगा।
इन निर्माण कार्यों से ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क बेहतर होगा और बरसात के दौरान पानी निकासी की समस्या भी कम होगी।
देवरिया में 10 परियोजनाओं को मंजूरी
देवरिया जिले में कुल 10 लघु सेतु परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब 13 करोड़ 73 लाख रुपये है।
इन कार्यों को शुरू करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 2 करोड़ 74 लाख 67 हजार रुपये की धनराशि जारी की गई है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान हो जाएगा।
गोरखपुर में भी शुरू होंगे विकास कार्य
देवरिया के अलावा गोरखपुर जिले में भी लघु सेतु निर्माण के लिए परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
इन निर्माण कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ना और स्थानीय लोगों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है।
ग्रामीण इलाकों में छोटे पुल और पुलिया सड़क नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। इनके खराब होने से कई बार गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है।
किसानों और ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
लघु सेतुओं के निर्माण से सबसे अधिक लाभ ग्रामीणों और किसानों को मिलने की उम्मीद है।
किसानों को अपनी फसल बाजार तक पहुंचाने, कृषि उपकरणों के परिवहन और दैनिक आवागमन में सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और रोजाना काम के लिए बाहर जाने वाले लोगों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी।
बारिश के समय कम होगी परेशानी
ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव और रास्तों के खराब होने की समस्या आम है। छोटे पुल और पुलिया क्षतिग्रस्त होने से पानी का बहाव प्रभावित होता है और सड़कें टूटने लगती हैं।
नई संरचनाओं के निर्माण से जलनिकासी व्यवस्था बेहतर होगी और बारिश के मौसम में लोगों को कम परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
PWD को सौंपी गई जिम्मेदारी
शासन ने इन परियोजनाओं को पूरा कराने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी है। विभाग संपर्क मार्गों की स्थिति का आकलन कर निर्माण कार्य शुरू करेगा।
अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
ग्रामीण विकास को मिलेगी गति
राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रही है।
लघु सेतु निर्माण योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इससे गांवों में बेहतर कनेक्टिविटी के साथ स्थानीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।





