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उत्तर प्रदेश
योगी कैबिनेट में 23 प्रस्ताव मंजूर मछली निर्यात पर राजभर ने जताई उम्मीद
SHIDDHANT
15 Sept 2026 9:34 PM IST

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Lucknow. लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों के 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मत्स्य विभाग से जुड़े प्रस्ताव को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से मछली की आपूर्ति और निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। राजभर ने उम्मीद जताई कि भारत से दुनिया के विभिन्न देशों में मछली की आपूर्ति का विस्तार होगा। राजभर ने बताया कि कैबिनेट के सामने अलग-अलग विभागों से संबंधित विषय रखे गए थे। इनमें कुल 23 प्रस्ताव पारित हुए हैं। उन्होंने विशेष रूप से मत्स्य विभाग के विषय का उल्लेख करते हुए इसे अहम फैसला बताया। हालांकि, प्रस्ताव के प्रावधानों, बजट और इसे लागू करने की प्रक्रिया का विवरण उन्होंने अपने संक्षिप्त बयान में नहीं दिया।
मछली आपूर्ति के संदर्भ में मंत्री ने चीन का भी उल्लेख किया। उनके बयान में चीन से भारत आने और भारत से दुनिया में मछली भेजने, दोनों तरह की बातें सामने आईं। ऐसे में चीन के साथ प्रस्तावित व्यापार की दिशा स्पष्ट नहीं है। फिलहाल उनके वक्तव्य से किसी निश्चित निर्यात समझौते, आपूर्ति आदेश या नई खेप भेजे जाने की पुष्टि नहीं होती। मत्स्य विभाग से जुड़े फैसले का लाभ किन लोगों और इकाइयों को मिलेगा, इसकी विस्तृत जानकारी भी सामने आना बाकी है। राजभर ने अपने बयान में किसी विशेष मछली प्रजाति, उत्पादन लक्ष्य या निर्यात मात्रा का उल्लेख नहीं किया। उनका जोर प्रस्ताव के महत्व और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय मछली की आपूर्ति बढ़ने की संभावनाओं पर रहा।
इसी कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री सुरेश खन्ना ने भी 23 प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी प्रस्तावों पर सहमति बनी। स्वीकृत विषयों में किसानों को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराना, शिक्षा के क्षेत्र में स्मार्ट क्लास और एथेनॉल उत्पादन से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं। खन्ना के अनुसार, मंत्रिपरिषद ने विभिन्न क्षेत्रों के विषयों पर विचार करने के बाद स्वीकृति दी। किसानों के ऋण संबंधी प्रस्ताव की ब्याज दर, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया का विवरण उनके संक्षिप्त बयान में नहीं था। इसी तरह स्मार्ट क्लास के अंतर्गत शामिल होने वाले संस्थानों और एथेनॉल उत्पादन से जुड़े फैसले की विस्तृत शर्तें भी नहीं बताई गई थीं।
बैठक के बाद मंत्री दयाशंकर सिंह ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर स्थापित करने की शर्तों में राहत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र खोलने के लिए पहले 2.5 एकड़ जमीन की आवश्यकता थी। अब इसे घटाकर 3,500 वर्ग मीटर किया गया है, जो एक एकड़ से कम है। दयाशंकर सिंह के मुताबिक, सात मीटर चौड़ी सड़क की अनिवार्य शर्त में भी ढील दी गई है। हालांकि, सड़क की संशोधित न्यूनतम चौड़ाई उन्होंने नहीं बताई। इस तरह बैठक के बाद मंत्रियों ने कृषि, शिक्षा, मत्स्य, उत्पादन और परिवहन से जुड़े विषयों की जानकारी साझा की। मत्स्य प्रस्ताव के संबंध में राजभर की टिप्पणी का मुख्य बिंदु भारत से मछली की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद रहा।
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