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218 करोड़ GST केस: बेसमेंट में नकली गुटखा फैक्ट्री का खुलासा

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: 218 करोड़ रुपये की कथित जीएसटी चोरी के मामले में जेल में बंद समाजवादी पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष रचित गुप्ता की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। जांच एजेंसियों की ताजा कार्रवाई में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि शहर के बीचोंबीच स्थित उनके आवास में बड़े पैमाने पर नकली गुटखा, पान मसाला और अन्य ब्रांडेड उत्पादों का अवैध निर्माण और पैकिंग का कारोबार चल रहा था।
सूत्रों के अनुसार, रचित गुप्ता का आवास विकास कॉलोनी स्थित मकान इस पूरे अवैध नेटवर्क का केंद्र बना हुआ था। इसी मकान के बेसमेंट में नकली पाउच तैयार करने का पूरा सेटअप लगाया गया था, जहां नामी कंपनियों के ब्रांडेड गुटखा और पान मसाला की नकल तैयार की जा रही थी।
जांच एजेंसियों ने छापेमारी के दौरान वहां से भारी मात्रा में मशीनरी और कच्चा माल बरामद किया। मौके से कुल 12 एफएफएस (फ्लो फॉर्म फिल सील) मशीनें जब्त की गईं, जिनका उपयोग पाउच पैकिंग में किया जाता था। इसके अलावा बड़ी मात्रा में कच्चा माल, फ्लेवरिंग एजेंट, पैकिंग सामग्री और नामी ब्रांडों के फर्जी पाउच भी बरामद किए गए।
अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा सेटअप अत्यंत सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था, ताकि किसी को इसकी भनक न लग सके। खास बात यह है कि यह अवैध कारोबार शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित एक रिहायशी मकान के भीतर चल रहा था, जिससे सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और अवैध बिक्री की जा रही थी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस पूरे मामले में 218 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी से जुड़े लेनदेन सामने आए हैं, जिसकी जांच अभी जारी है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस अवैध उत्पादन केंद्र की जानकारी स्थानीय प्रशासन, खाद विभाग और संबंधित निगरानी एजेंसियों को नहीं थी। इससे विभागीय लापरवाही और निगरानी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, बरामद मशीनों और सामग्री को जब्त कर लिया गया है और संबंधित नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। यह भी जांच की जा रही है कि यह नकली उत्पाद किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई किए जा रहे थे और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि नकली पान मसाला और गुटखा का वितरण किन राज्यों और बाजारों में किया जा रहा था और इससे होने वाले मुनाफे का इस्तेमाल कहां किया जा रहा था।
स्थानीय स्तर पर इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। लोग इस बात से हैरान हैं कि रिहायशी इलाके में इतने बड़े पैमाने पर अवैध फैक्ट्री चल रही थी और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल आरोपी रचित गुप्ता न्यायिक हिरासत में हैं और उन पर जीएसटी चोरी, अवैध उत्पादन और अन्य गंभीर आरोपों में जांच जारी है।





