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2017 बैच के IPS डॉ. ईरज राजा बने बलिया के नए एसपी, ओमवीर सिंह का बस्ती तबादला

बलिया। जिले की कानून-व्यवस्था की कमान अब 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. ईरज राजा संभालेंगे। उत्तर प्रदेश शासन की ओर से किए गए आईपीएस अधिकारियों के तबादले में उन्हें बलिया का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान में गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात थे। तबादला आदेश जारी होने के बाद अब उनके बलिया में कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वहीं बलिया में अब तक पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात ओमवीर सिंह का भी स्थानांतरण कर दिया गया है। शासन ने उन्हें बस्ती जिले का नया पुलिस अधीक्षक बनाया है। इस तरह प्रदेश में हुए प्रशासनिक फेरबदल का असर बलिया की पुलिस व्यवस्था पर भी पड़ा है।
डॉ. ईरज राजा के बलिया आने को लेकर पुलिस विभाग में तैयारियां शुरू हो गई हैं। कार्यभार संभालने के बाद उनके सामने जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई जिम्मेदारियां होंगी।
2017 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. ईरज राजा की शैक्षिक पृष्ठभूमि भी अलग है। उन्होंने एमबीबीएस के साथ एमडीपीएम की पढ़ाई की है। चिकित्सा क्षेत्र की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा में प्रवेश किया और भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए।
आईपीएस अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान वह विभिन्न जिलों और महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। गाजीपुर में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभाली। अब शासन ने उन्हें बलिया जैसे महत्वपूर्ण जिले की कमान सौंपी है।
बलिया भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला माना जाता है। उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा से लगे होने के कारण यहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ अंतरराज्यीय गतिविधियों पर निगरानी रखना भी पुलिस के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहती है।
जिले में अपराध नियंत्रण के अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर रोक, यातायात व्यवस्था, त्योहारों के दौरान सुरक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल रहता है।
डॉ. ईरज राजा के पदभार संभालने के बाद उनकी प्राथमिकताओं पर पुलिस महकमे के साथ आम लोगों की भी नजर रहेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर किस तरह की रणनीति अपनाते हैं।
नए पुलिस अधीक्षक के सामने थानों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने की चुनौती भी रहेगी। आम लोगों की शिकायतों का समय पर निस्तारण, थानों में आने वाले फरियादियों के साथ बेहतर व्यवहार और लंबित मामलों की जांच में तेजी लाना पुलिस प्रशासन के प्रमुख कामों में शामिल है।
इसके अलावा साइबर अपराध तेजी से बढ़ती चुनौती बनकर सामने आया है। ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों के मामलों में पुलिस की तकनीकी क्षमता बढ़ाने की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। नए एसपी के कार्यकाल में इस दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर भी नजर रहेगी।
बलिया में यातायात व्यवस्था भी पुलिस के लिए अहम विषय है। शहर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में जाम की समस्या अक्सर सामने आती है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है।
महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल रहने की उम्मीद है। शासन की ओर से पहले ही महिला सुरक्षा को लेकर विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे में जिले में इन अभियानों को प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी नए एसपी के सामने होगी।
इसके साथ ही मादक पदार्थों, अवैध शराब, पशु तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की सक्रियता महत्वपूर्ण रहेगी। सीमावर्ती जिला होने के कारण कुछ मामलों में आसपास के जिलों और बिहार पुलिस के साथ समन्वय की भी जरूरत पड़ती है।
नए पुलिस अधीक्षक के सामने पुलिस बल के भीतर अनुशासन और बेहतर समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी भी होगी। थानाध्यक्षों और चौकी प्रभारियों के कामकाज की नियमित समीक्षा तथा अपराध से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करना पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
जिले में त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान भी बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ती है। ऐसे आयोजनों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से रणनीति तैयार करना और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखना जरूरी होता है।
डॉ. ईरज राजा के गाजीपुर से स्थानांतरण के बाद वहां भी नए पुलिस अधीक्षक की तैनाती की प्रक्रिया शासन स्तर पर की जाएगी। वहीं बलिया के एसपी रहे ओमवीर सिंह अब बस्ती में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
ओमवीर सिंह के कार्यकाल में बलिया पुलिस ने विभिन्न आपराधिक मामलों में कार्रवाई की। अब उनके स्थानांतरण के साथ जिले में पुलिस नेतृत्व का बदलाव हो गया है।
किसी भी जिले में पुलिस अधीक्षक का पद कानून-व्यवस्था की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होता है। एसपी जिले की पुलिस व्यवस्था का नेतृत्व करते हैं और गंभीर अपराध, सुरक्षा, यातायात तथा थानों की कार्यप्रणाली से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा करते हैं।
नए एसपी के आने के बाद आमतौर पर जिले के सभी थाना प्रभारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा कानून-व्यवस्था और अपराध की स्थिति की समीक्षा की जाती है। डॉ. ईरज राजा भी कार्यभार ग्रहण करने के बाद जिले की स्थिति का जायजा लेकर अपनी प्राथमिकताएं तय करेंगे।
पुलिस विभाग में यह भी माना जा रहा है कि नए एसपी अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियानों और लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं। गंभीर मामलों में फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और लंबित विवेचनाओं को पूरा करने पर भी जोर दिया जा सकता है।
फिलहाल शासन के आदेश के बाद बलिया में पुलिस नेतृत्व के बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डॉ. ईरज राजा के कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही जिले की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से उनके हाथों में आ जाएगी।
अब जिले के लोगों और पुलिस महकमे की नजर इस बात पर रहेगी कि नए पुलिस अधीक्षक अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और पुलिस व्यवस्था को लेकर कौन सी प्राथमिकताएं तय करते हैं। वहीं निवर्तमान एसपी ओमवीर सिंह अब बस्ती जिले में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभालेंगे।





