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उत्तर प्रदेश
मवाना मिल के 162 क्रय केंद्र तैयार, 31 अक्टूबर से गन्ने की तौल शुरू
nidhi
29 Oct 2026 7:54 AM IST

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मवाना मिल का नया पेराई सत्र शुरू होने को तैयार
मवाना: मेरठ की मवाना चीनी मिल में पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मिल क्षेत्र के लिए निर्धारित 174 गन्ना क्रय केंद्रों में से 162 स्थापित किए जा चुके हैं। मिल प्रबंधन के मुताबिक, 31 अक्टूबर से गन्ने की तौल शुरू होगी, जबकि दो नवंबर से पेराई प्रारंभ करने की तैयारी है। शुरुआती खरीद के लिए 30 केंद्रों पर 15 हजार कुंतल गन्ने का इंडेंट जारी किया गया है। एक नवंबर के लिए 30 हजार कुंतल का इंडेंट जारी हुआ है। मिल के वरिष्ठ महाप्रबंधक एवं प्रशासनिक अधिकारी प्रमोद बालियान के अनुसार, शेष केंद्रों की स्थापना का काम तेजी से चल रहा है। प्रबंधन का प्रयास है कि सत्र शुरू होने से पहले व्यवस्थाएं पूरी हो जाएं और किसानों को आपूर्ति में परेशानी न हो। उन्होंने पिछले वर्ष की तरह इस बार भी नियमानुसार 14 दिनों के भीतर गन्ना भुगतान करने का भरोसा दिया है।
तौल और पेराई की तारीख समझना जरूरी
किसानों के लिए तौल शुरू होने और मिल में पेराई शुरू होने का अंतर समझना उपयोगी है। क्रय केंद्रों पर गन्ने का वजन दर्ज होने के बाद उसे मिल तक पहुंचाने की प्रक्रिया होती है। पेराई के दौरान इसी गन्ने से रस निकालकर चीनी उत्पादन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। इसलिए आपूर्ति की तैयारी करते समय किसान अपने केंद्र और निर्धारित तिथि की जानकारी जरूर देख लें। केवल पेराई सत्र शुरू होने की खबर के आधार पर खेत में बड़े पैमाने पर कटाई करना व्यावहारिक परेशानी बढ़ा सकता है। बेहतर होगा कि किसान अपनी आपूर्ति पर्ची, केंद्र की सूचना और उपलब्ध परिवहन व्यवस्था को ध्यान में रखकर काम तय करें। इससे कटे गन्ने को अनावश्यक रूप से खेत या वाहन में रोककर रखने की स्थिति कम हो सकती है।
इंडेंट के अनुसार बनाएं कटाई की योजना
गन्ना खरीद की व्यवस्था में इंडेंट का संबंध निर्धारित मात्रा की आपूर्ति मांग से होता है। इसे प्रत्येक किसान की तत्काल तौल की अनुमति मान लेना उचित नहीं होगा। व्यक्तिगत आपूर्ति के लिए संबंधित पर्ची और केंद्र की व्यवस्था देखना जरूरी है। किसान किसी भी संशय की स्थिति में अपनी गन्ना समिति या मिल के संबंधित कार्यालय से जानकारी ले सकते हैं। कटाई, खेत से गन्ना निकालने और वाहन की उपलब्धता के बीच तालमेल रखना भी महत्वपूर्ण है। यदि मजदूर पहले बुला लिए जाएं और वाहन समय पर न मिले तो कटाई के बाद परेशानी हो सकती है। इसी तरह बिना आपूर्ति कार्यक्रम देखे वाहन बुक करने से अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है। छोटे किसानों के लिए इन व्यवस्थाओं की समय रहते योजना बनाना विशेष रूप से उपयोगी रहता है।
क्रय केंद्र पर विवरण की जांच करें किसान
तौल के समय किसान अपनी पर्ची और उससे जुड़े विवरण ध्यान से जांचें। नाम, किसान कोड, केंद्र और दर्ज वजन में कोई अंतर दिखाई दे तो संबंधित कर्मचारी से उसी समय स्पष्ट कराएं। तौल की रसीद सुरक्षित रखने से बाद में आपूर्ति और भुगतान का मिलान करना आसान होता है। केवल मौखिक जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय उपलब्ध अभिलेख संभालकर रखना बेहतर है। क्रय केंद्र पहुंचने से पहले स्थानीय व्यवस्था की जानकारी लेना भी मददगार हो सकता है। किस समय तौल होगी, वाहन कहां खड़ा करना है और किस क्रम में प्रवेश मिलेगा, जैसी बातें केंद्र पर स्पष्ट की जा सकती हैं। इससे किसानों और वाहन चालकों को अपना समय व्यवस्थित करने में सुविधा होगी। भीड़ होने पर निर्धारित क्रम का पालन केंद्र संचालन को सुचारु रखने में मदद करता है।
समय पर आपूर्ति का अगली फसल से भी संबंध
गन्ने की कटाई का कार्यक्रम कई किसानों की अगली फसल की तैयारी से जुड़ा होता है। खेत खाली होने के बाद जुताई, सिंचाई और बुवाई जैसे काम किए जाते हैं। ऐसे में किसान उपलब्ध आपूर्ति कार्यक्रम के साथ अपने खेत की स्थिति को ध्यान में रख सकते हैं। हालांकि अगली फसल की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम, मिट्टी और कृषि संबंधी सलाह का ध्यान रखना चाहिए। गन्ना ढुलाई के दौरान सुरक्षित परिवहन भी जरूरी है। वाहन पर इस तरह लदान किया जाए कि चालक को रास्ता देखने और वाहन नियंत्रित करने में परेशानी न हो। केंद्र के आसपास सड़क पर अव्यवस्थित पार्किंग से दूसरे किसानों और सामान्य यातायात को कठिनाई हो सकती है। आपूर्ति के व्यस्त दिनों में थोड़ी सावधानी दुर्घटना और अनावश्यक जाम की आशंका घटा सकती है।
भुगतान का रिकॉर्ड रखना रहेगा उपयोगी
गन्ना बिक्री के बाद किसान तौल की तारीख, आपूर्ति की मात्रा और प्राप्त भुगतान का अपना रिकॉर्ड रखें। बैंक खाते से जुड़ी जानकारी में कोई त्रुटि हो तो संबंधित माध्यम से सुधार कराएं। भुगतान संबंधी सवाल उठने पर तौल रसीद और बैंक विवरण समस्या स्पष्ट करने में मदद करते हैं। किसी अंतर की स्थिति में दस्तावेजों के साथ समिति या मिल कार्यालय से संपर्क करना उपयोगी रहेगा। नए सत्र की शुरुआत में किसानों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अधिकृत सूचनाओं के अनुसार आपूर्ति करें। केंद्र बदलने, पर्ची की तारीख या तौल व्यवस्था से जुड़ी अपुष्ट जानकारी पर तत्काल निर्णय लेने से बचें। सही सूचना, व्यवस्थित कटाई और सुरक्षित ढुलाई के साथ गन्ना आपूर्ति की तैयारी करने से सत्र के शुरुआती दिनों में काम संभालना आसान हो सकता है।
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