उत्तर प्रदेश

मस्जिद के मलबे में मिला 15 फीट गहरा कुआं

Kavita2
6 Sept 2026 11:15 AM IST
मस्जिद के मलबे में मिला 15 फीट गहरा कुआं
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सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में अवैध घोषित की गई मस्जिद को गिराए जाने के 24 घंटे बाद मलबा हटाने के दौरान एक कुआं मिलने से मामला चर्चा में आ गया है। रविवार सुबह मलबा हटाने पहुंची टीम को ध्वस्त ढांचे के नीचे करीब 15 फीट गहरा कुआं मिला। कुएं के सामने आने के बाद प्रशासनिक टीम ने मौके का निरीक्षण किया और इसकी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद रविवार सुबह मलबा हटाने का काम शुरू किया गया था। इसी दौरान टीम को जमीन के नीचे एक संरचना दिखाई दी। जांच करने पर पता चला कि वहां एक कुआं मौजूद है।

मलबे के नीचे मिला कुआं

मलबा हटाने के दौरान सामने आए इस कुएं की गहराई करीब 15 फीट बताई जा रही है। वहीं, इसकी चौड़ाई लगभग डेढ़ मीटर है। बताया गया कि कुएं के ऊपर भारी स्लैब लगाया गया था, जिसके कारण शुरुआत में इसकी जानकारी नहीं हो सकी।

मलबा हटाने के दौरान जब पोकलेन मशीन से स्लैब हटाने का प्रयास किया गया तो वह नहीं टूटा। इसके बाद कटर मशीन की मदद से स्लैब को काटकर हटाया गया। स्लैब हटने के बाद नीचे कुआं दिखाई दिया।

कुएं की उम्र को लेकर जानकारी नहीं

प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह कुआं कब बनाया गया था और यह कितना पुराना है।

मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कुएं की स्थिति का निरीक्षण किया है। अब इसकी उम्र, निर्माण शैली और उपयोग से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।

ध्वस्तीकरण के बाद चल रहा था मलबा हटाने का काम

कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को अवैध घोषित किए जाने के बाद उसे हटाने की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद प्रशासन की टीम मलबा हटाने के काम में जुटी हुई थी।

इसी दौरान जमीन के नीचे मौजूद कुएं का पता चला। अब प्रशासन यह जानकारी जुटाने में लगा है कि यह कुआं मस्जिद निर्माण से पहले का है या बाद में इसे ढका गया था।

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही कार्रवाई

कुएं के मिलने के बाद मौके पर मौजूद टीम ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू की है। खुले कुएं के कारण किसी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए क्षेत्र को सुरक्षित किया गया है।

प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि मलबा हटाने और अन्य कार्यों के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

स्थानीय लोगों में बढ़ी उत्सुकता

कुएं के मिलने की जानकारी फैलने के बाद स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता बढ़ गई है। लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि यह कुआं कितना पुराना है और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था।

हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। विशेषज्ञों की जांच के बाद ही इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

प्रशासन जुटा रहा है जानकारी

फिलहाल प्रशासन की टीम कुएं से जुड़ी सभी जानकारियां जुटा रही है। इसमें इसके निर्माण काल, संरचना और उपयोग की जांच शामिल है।

अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले को रिकॉर्ड में लिया जा रहा है और आवश्यक कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी।

कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वस्त मस्जिद के नीचे कुआं मिलने की घटना ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, कुएं की वास्तविक उम्र और इतिहास जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल प्रशासन मलबा हटाने और स्थल की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटा हुआ है।

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