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उत्तर प्रदेश
माघ मेले के दौरान 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु करेंगे संगम पर स्नानः सीएम योगी
SHIDDHANT
22 Nov 2025 9:23 PM IST

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Prayagraj प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को माघ मेले की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की, फिर पत्रकारों को इसकी जानकारी दी। सीएम ने कहा कि मेले की प्रगति युद्ध स्तर पर है। कल्पवासियों व श्रद्धालुओं के साथ पूरे आयोजन को भव्यता व दिव्यता के साथ संपन्न करेंगे। सीएम योगी ने कहा कि माघ मेले की तिथि 15 दिन पहले आ रही है। तीन जनवरी को पौष पूर्णिमा, 15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी, पहली फरवरी को माघ पूर्णिमा व 15 फरवरी को महाशिवरात्रि (छह प्रमुख स्नान) होंगे। तीन जनवरी से 1 फरवरी तक यहां कल्पवासियों की बड़ी संख्या रहेगी। लगभग 20 से 25 लाख कल्पवासी एक माह तक मेले में प्रवास कर मां गंगा की साधना व तपस्या करते हैं। इनके साथ ही मुख्य स्नान पर्वों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करने आते हैं। अनुमान है कि लगभग डेढ़ महीने के दौरान प्रयागराज में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु संगम पर स्नान करेंगे। हर दिन लगभग 20-25 लाख कल्पवासियों के साथ ही देश-प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्र से भी लोग आएंगे। मेले को 800 हेक्टेयर में बसाने की कार्रवाई हो रही है। सात सेक्टर बनाए गए हैं। अलग-अलग रूट से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 42 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रयागराज मेला प्राधिकरण का गठन किया था और मंडलायुक्त को इसका अध्यक्ष नामित किया था। मेला प्राधिकरण के नेतृत्व में महाकुम्भ के साथ-साथ अन्य आयोजन भी संपन्न होते हैं। माघ मेला 2026 की तैयारी प्रारंभ हो चुकी है। 2024 की तुलना में इसके दायरे को बढ़ाया गया है। यहां की टीम के सामने 2025 के महाकुम्भ का अनुभव है, जिसने देश-दुनिया में अमिट छाप छोड़ी थी और भारत की सनातन धर्म की परंपरा के प्रति लोगों के मन में नया उत्साह भरा था। उन्होंने बताया कि माघ मेले के दृष्टिगत यूपी सरकार के सभी संबंधित विभागों को जोड़ा गया है। सिंचाई विभाग बाढ़ निरोधक उपाय करने के साथ ही जल की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। यद्यपि आज संगम में 19-20 हजार क्यूसेक शुद्ध जल की उपलब्धता है, लेकिन उस समय भी 10 हजार क्यूसेक जल की उपलब्धता निरंतर बनी रहे, विभाग यह प्रयास कर रहा है। नमामि गंगे को जल की शुद्धता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पावर कॉरपोरेशन नियमित विद्युत आपूर्ति के साथ-साथ इलेक्ट्रिक सेफ्टी की व्यवस्था करेगा। उप्र पावर कारपोरेशन द्वारा मेला क्षेत्र में 47 किमी. की एचटी व 360 किमी. की एलटी लाइन बिछाने और 25 अस्थायी सब स्टेशन बनाने का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है।
सीएम योगी ने बताया कि पीडब्ल्यूडी कनेक्टिंग मार्ग के साथ ही अंदर के मार्गों की भी व्यवस्था देखेगा। आवागमन में दिक्कत न हो, इसके लिए विभाग सात पांटून ब्रिज, लगभग 160 किमी. के दायरे में चकर्ड प्लेट बिछाएगा। उप्र जल निगम द्वारा 242 किमी. की पेयजल पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रारंभ हो गया है। 85 किमी. की सीवर लाइन बिछाने की कार्रवाई होगी, जिससे सीवर की एक भी बूंद का रिसाव गंगा-यमुना जी में न होने पाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के त्वरित उपचार के लिए 20-20 बेड के दो हॉस्पिटल बनाए जा रहे हैं। 12 पीएचसी प्राथमिक स्वास्थ्य हेल्प सेंटर के रूप में लोगों को सुविधा उपलब्ध कराएंगे। एक वेक्टर कंट्रोल यूनिट, पांच आयुर्वेदिक और पांच होमियोपैथिक चिकित्सालय की स्थापना, और 50 एंबुलेंस की भी व्यवस्था रहेगी। सीएम योगी ने बताया कि नगर विकास द्वारा पर्याप्त शौचालय और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था प्रारंभ कर दी गई है। मेले के दौरान 25 हजार शौचालय, 8 हजार डस्टबिन, 10 लाख से अधिक लाइनर बैग, 20 सक्शन गाड़ियां, और 3000 सफाईकर्मी तैनात रहेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए यूपी पुलिस द्वारा पर्याप्त कार्मिक तैनात किए गए हैं। मेला पुलिस अधीक्षक के साथ ही पहले चरण में एडिशनल एसपी, सीओ, इंस्पेक्टर समेत अन्य पुलिसकर्मियों की तैनाती हो चुकी है। शेष की तैनाती प्रक्रिया कार्रवाई चल रही है। पुलिस लाइन के निर्माण कार्य को बढ़ाया जा चुका है। मेला क्षेत्र में 17 थाने, 42 पुलिस चौकी, 20 फायर टेंडर, 7 अग्निशमन चौकी, अग्निशमन के 20 वाच टावर, एक जल पुलिस थाना, एक जल पुलिस कंट्रोल रूम और 4 जल पुलिस सब कंट्रोल रूम स्थापित किए जाने हैं। 8 किलोमीटर की डीप वाटर बैरिकेडिंग भी यूपी पुलिस द्वारा लगाई जाएगी।
सीएम योगी ने बताया कि नगर विकास द्वारा सीसीटीवी व एआई युक्त 400 कैमरों के माध्यम से क्राउड मॉनीटरिंग-क्राउड डेंसिटी एनालिसिस व इन्सिडेंट रिपोर्टिंग (स्वच्छता व सुरक्षा निगरानी) भी होगी। उन्होंने बताया कि यातायात व भीड़ नियंत्रण के लिए भी अंतरजनपदीय व अंतरराज्यीय कार्ययोजना विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। यहां करीब 3800 बसें काम करेंगी। इसमें परिवहन निगम की 3000 बसें भी रहेंगी। 75 शटल बसें मेला क्षेत्र के अंदर, सिटी से मेला क्षेत्र में जाने व मेला क्षेत्र से सिटी तक लाने-ले जाने के लिए इलेक्ट्रिक बसें भी रहेंगी। 200 बसें रिजर्व में रहेंगी। टेंट सिटी का भी निर्माण किया जा रहा है।
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