उत्तर प्रदेश

अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की धूम, CM योगी का बड़ा ऐलान

Rajeshwari Nishad
27 Oct 2026 12:57 PM IST
अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की धूम, CM योगी का बड़ा ऐलान
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अयोध्या। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या में दीपोत्सव 2026 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। भगवान श्रीराम की नगरी को लाखों दीपों से रोशन करने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन में देशवासियों को शामिल होने का निमंत्रण दिया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर अयोध्या की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले अयोध्या में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, लेकिन अब यह शहर धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक आयोजनों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। इस वर्ष अयोध्या में दसवां दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसे ऐतिहासिक बनाने की योजना तैयार की गई है।
7 नवंबर को होगा अयोध्या में भव्य दीपोत्सव
अयोध्या में इस वर्ष दीपोत्सव का मुख्य आयोजन 7 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है। इसके तहत 5 से 7 नवंबर तक विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।प्रशासन की योजना के अनुसार, राम की पैड़ी सहित सरयू नदी के घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को लाखों मिट्टी के दीपों से सजाया जाएगा। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, पर्यटकों और सांस्कृतिक कलाकारों के पहुंचने की संभावना है।
इस वर्ष करीब 33 लाख मिट्टी के दीयों की व्यवस्था करने की योजना है। इन्हें जलाने के लिए लगभग 55 हजार लीटर तेल और 65 लाख बातियों की तैयारी की जा रही है। हालांकि वास्तविक रूप से जलाए जाने वाले दीपों की संख्या आयोजन के बाद ही स्पष्ट होगी।
CM योगी ने देशवासियों को किया आमंत्रित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपरा और जनआस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन बताया है।मुख्यमंत्री के अनुसार, अयोध्या का दीपोत्सव अब केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश-दुनिया में इसकी पहचान बन चुकी है। उन्होंने लोगों से रामनगरी के इस उत्सव से जुड़ने का आह्वान किया।सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता, परिवहन और यातायात प्रबंधन की समुचित व्यवस्था की जाए।
2017 से पहले की सरकारों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाए।उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले अयोध्या में बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी थी। उस समय शहर को पर्याप्त बिजली नहीं मिलती थी और सड़कों की स्थिति भी बेहतर नहीं थी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले अयोध्या में केवल तीन घंटे बिजली मिलने की स्थिति थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जब दीपोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया, तब कई लोगों ने आयोजन की सफलता को लेकर संदेह जताया था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब अयोध्या में चौड़ी सड़कें, बेहतर यातायात सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जैसी परियोजनाएं विकसित की गई हैं। हालांकि पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा संबंधी टिप्पणी मुख्यमंत्री का राजनीतिक आकलन है।
2100 ड्रोन से आसमान में दिखाई जाएगी रामायण
इस बार दीपोत्सव में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक संस्कृति का विशेष संगम देखने को मिलेगा।आयोजन के दौरान 2100 स्वदेशी ड्रोन की मदद से रामायण पर आधारित आकाशीय प्रस्तुति देने की योजना है। इसके साथ ही थ्रीडी प्रोजेक्शन और अन्य तकनीकी माध्यमों से भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंग प्रदर्शित किए जाएंगे।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यक्रम अयोध्या की धार्मिक गरिमा और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप आयोजित किए जाएं।दीपोत्सव को डिजिटल माध्यमों के जरिए पांच करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य भी रखा गया है।
सरयू घाट पर 2147 श्रद्धालु करेंगे महाआरती
दीपोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में सरयू नदी की महाआरती भी शामिल होगी।इस बार 2147 प्रतिभागियों के साथ सरयू आरती आयोजित करने की योजना है। इसके अतिरिक्त राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर दीप सजाने की तैयारियां की जा रही हैं।
अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से लगभग 35 हजार स्वयंसेवकों को आयोजन में शामिल करने की तैयारी है। इन स्वयंसेवकों को घाटों पर दीपों की व्यवस्था, सजावट और अन्य जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।प्रशासन की ओर से घाटों की मार्किंग का कार्य भी शुरू किया जा चुका है।
देश-विदेश के कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
दीपोत्सव में भारत के विभिन्न राज्यों की लोक कलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी।कार्यक्रम में लगभग एक हजार कलाकारों के हिस्सा लेने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, असम, राजस्थान, बिहार और अन्य राज्यों के कलाकारों को आमंत्रित किया जा रहा है।इसके साथ ही 12 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।आयोजन में रामायण आधारित नृत्य, लोकगीत, नाट्य प्रस्तुतियां और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल किए जाएंगे।
संतों और जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासन की बैठक
दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने 26 अक्टूबर को तुलसी उद्यान भवन में संत-महात्माओं और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की।बैठक में आयोजन को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने पर चर्चा हुई।अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और सुगम आवागमन को प्राथमिकता देने की बात कही।जिला प्रशासन स्थानीय व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं से भी सहयोग ले रहा है, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।
अयोध्या में नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया है कि इस वर्ष भी अयोध्या दीपोत्सव में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया जा सकेगा।वर्ष 2025 में अयोध्या में 26 लाख से अधिक दीप जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था। इस बार उससे भी अधिक भव्य आयोजन की तैयारी की जा रही है।हालांकि नए रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि आयोजन पूरा होने और संबंधित प्रक्रिया के सत्यापन के बाद ही हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव के दस वर्ष पूरे होना अयोध्या के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। सरकार इस आयोजन के माध्यम से शहर की सांस्कृतिक पहचान को और व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करना चाहती है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात पर विशेष ध्यान
दीपोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रहा है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाई जाए। घाटों, मंदिरों और प्रमुख कार्यक्रम स्थलों पर भीड़ प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
साथ ही स्वच्छता, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों को तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।अयोध्या में आयोजित होने वाला दसवां दीपोत्सव धार्मिक उत्सव के साथ सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण अवसर होगा। अब सभी की निगाहें 7 नवंबर पर टिकी हैं, जब लाखों दीपों की रोशनी में रामनगरी जगमगाएगी।
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