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Gorakhpur-बस्ती मंडल में 1.04 लाख मीटर बदले जाएंगे, रीडिंग समस्या से राजस्व प्रभावित

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: गोरखपुर-बस्ती मंडल में बिजली उपभोक्ताओं के घरों और परिसरों में लगे कुल 1 लाख 4 सौ 10 इलेक्ट्रॉनिक मीटर बदले जाएंगे। इन मीटरों में लंबे समय से रीडिंग नहीं हो पा रही है, जिसके कारण उपभोक्ताओं के बिजली बिल भी जारी नहीं किए जा रहे हैं। इस स्थिति से बिजली निगम को राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली निगम के अनुसार, मीटर रीडरों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर यह सामने आया है कि बड़ी संख्या में मीटर आइडेंटिफाइड डिफेक्टिव (IDF) श्रेणी में आ चुके हैं। इन मीटरों में तकनीकी खराबी के कारण उपभोग तो दर्ज हो रहा है, लेकिन रीडिंग स्क्रीन पर दिखाई नहीं देती, जिससे बिलिंग प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए बिजली निगम ने अब इन सभी खराब मीटरों को बदलने का निर्णय लिया है। इसके लिए कार्यदायी संस्था जीनस को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो इन पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटरों की जगह नए स्मार्ट मीटर लगाएगी।
योजना के तहत जीनस कंपनी के कर्मचारी उपभोक्ताओं के परिसरों में जाकर पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर स्थापित करेंगे। इन स्मार्ट मीटरों के माध्यम से बिजली खपत की सटीक और रियल टाइम रीडिंग उपलब्ध होगी, जिससे बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुचारु हो सकेगी।
बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि आइडीएफ मीटरों के कारण न केवल बिलिंग में देरी हो रही थी, बल्कि कई मामलों में उपभोक्ताओं और विभाग दोनों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। कुछ उपभोक्ताओं के बिल लंबे समय से लंबित थे, जिससे राजस्व संग्रह प्रभावित हुआ।
स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक खपत के अनुसार बिल समय पर मिल सकेगा और मैनुअल रीडिंग पर निर्भरता भी कम हो जाएगी। इसके अलावा, मीटर में गड़बड़ी या छेड़छाड़ की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
बिजली निगम ने स्पष्ट किया है कि इस बदलाव का उद्देश्य बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाना और राजस्व संग्रह को बेहतर करना है। अधिकारियों के अनुसार, चरणबद्ध तरीके से सभी डिफेक्टिव मीटरों को बदला जाएगा।
इस प्रक्रिया से उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि उन्हें अब सही और नियमित बिलिंग की सुविधा प्राप्त होगी। वहीं, विभाग को भी तकनीकी और वित्तीय दोनों स्तर पर सुधार देखने को मिलेगा।
फिलहाल, जीनस कंपनी ने मीटर बदलने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है और जल्द ही प्रभावित क्षेत्रों में काम तेजी से शुरू किया जाएगा। बिजली निगम ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील भी की है, ताकि यह कार्य बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।





