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उत्तर प्रदेश
खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली भेजा जा रहा 2500 किलो संदिग्ध पनीर नष्ट
Rajeshwari Nishad
7 Nov 2026 12:15 AM IST

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मथुरा। त्योहारों के मौसम में मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसीकलां क्षेत्र में राजस्थान से दिल्ली ले जाए जा रहे करीब 2500 किलोग्राम पनीर से लदे एक वाहन को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पकड़ा है। बताया जा रहा है कि पनीर राजस्थान के कामां क्षेत्र से बोलेरो पिकअप वाहन में लादकर दिल्ली भेजा जा रहा था। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद इतनी बड़ी मात्रा में पनीर की आपूर्ति और उसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, पनीर मिलावटी है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, त्योहारों के दौरान बाजार में पनीर, खोया, दूध, घी और मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आपूर्ति पर निगरानी रखती हैं। कोसीकलां क्षेत्र में इसी तरह की जांच के दौरान राजस्थान से दिल्ली जा रहे पनीर से लदे वाहन को रोका गया।वाहन की जांच में करीब ढाई हजार किलोग्राम पनीर होने की जानकारी सामने आई। इतनी बड़ी मात्रा में पनीर मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसकी आपूर्ति और गुणवत्ता से जुड़े पहलुओं की पड़ताल शुरू की। पनीर राजस्थान के कामां से दिल्ली ले जाया जा रहा था।
बोलेरो पिकअप में लदा था ढाई हजार किलो पनीर
जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के कामां क्षेत्र से एक बोलेरो पिकअप वाहन में पनीर लादकर दिल्ली भेजा जा रहा था। वाहन जब मथुरा जिले के कोसीकलां क्षेत्र में पहुंचा, तब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने उसे रोक लिया।जांच के दौरान वाहन में करीब 2500 किलोग्राम पनीर पाया गया। यह मात्रा सामान्य खुदरा बिक्री की तुलना में काफी अधिक है। ऐसे में विभाग के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि पनीर का निर्माण कहां हुआ था और दिल्ली में इसकी आपूर्ति किन प्रतिष्ठानों को की जानी थी।हालांकि, वाहन चालक, पनीर के मालिक और संबंधित आपूर्तिकर्ता की पहचान को लेकर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा पनीर के परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की स्थिति भी स्पष्ट नहीं हुई है।
त्योहारों में बढ़ जाती है पनीर और मिठाइयों की मांग
धनतेरस और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है। बाजार में मिठाई बनाने वाले प्रतिष्ठानों, होटलों, रेस्टोरेंट और खानपान व्यवसाय से जुड़े लोगों को बड़ी मात्रा में दूध, खोया और पनीर की आवश्यकता पड़ती है।इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विभिन्न राज्यों से खाद्य पदार्थों की आपूर्ति की जाती है। राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों से दिल्ली और आसपास के बाजारों में दुग्ध उत्पाद पहुंचते हैं।हालांकि, बढ़ती मांग के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना भी बड़ी चुनौती होती है। कई बार अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से खाद्य उत्पादों में मिलावट की शिकायतें सामने आती हैं। इसी वजह से त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी का महत्व बढ़ जाता है।
पनीर की गुणवत्ता की जांच जरूरी
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पनीर जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल है। इसे उचित तापमान पर रखना और सुरक्षित तरीके से परिवहन करना जरूरी होता है।लंबी दूरी तक पनीर ले जाते समय तापमान नियंत्रण और स्वच्छता की अनदेखी करने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। यदि पनीर लंबे समय तक असुरक्षित तापमान पर रखा जाए, तो उसमें हानिकारक सूक्ष्मजीवों के पनपने का खतरा बढ़ सकता है।ऐसे में बड़ी मात्रा में पनीर का परिवहन करने वाले वाहनों में सुरक्षित भंडारण और आवश्यक तापमान व्यवस्था होना महत्वपूर्ण है। हालांकि, कोसीकलां में पकड़े गए वाहन में पनीर किस तापमान पर रखा गया था और परिवहन के दौरान किन सुरक्षा मानकों का पालन किया गया, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
मिलावट की पुष्टि जांच रिपोर्ट से होगी
पनीर की बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद मिलावट की आशंका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ को केवल संदेह के आधार पर मिलावटी घोषित नहीं किया जा सकता।खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की पुष्टि के लिए अधिकृत प्रयोगशाला में जांच आवश्यक होती है। पनीर की जांच में उसकी संरचना, गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया जा सकता है।यदि जांच में खाद्य पदार्थ मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित कारोबारी या आपूर्तिकर्ता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।फिलहाल इस मामले में पनीर के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं या नहीं और खेप को जब्त किया गया है या अन्य कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई है, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
मिलावटी पनीर से स्वास्थ्य को हो सकता है नुकसान
त्योहारों के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। विशेष रूप से दूध से बने उत्पादों में गुणवत्ता की कमी या असुरक्षित भंडारण के कारण खाद्य जनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।खराब या दूषित पनीर के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए यह जोखिम अधिक गंभीर हो सकता है।इसी वजह से उपभोक्ताओं को पनीर और अन्य दुग्ध उत्पाद विश्वसनीय दुकानों से खरीदने की सलाह दी जाती है। खरीदारी के दौरान उत्पाद की ताजगी, गंध, पैकेजिंग और भंडारण की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।हालांकि, केवल रंग, गंध या बनावट देखकर किसी पनीर में मिलावट की निश्चित पहचान नहीं की जा सकती। इसकी पुष्टि प्रयोगशाला जांच से ही संभव है।
राजस्थान से दिल्ली तक आपूर्ति की पड़ताल
कोसीकलां में पकड़े गए वाहन के मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू राजस्थान से दिल्ली तक पनीर की आपूर्ति का है। जांच के दौरान यह पता लगाना जरूरी होगा कि पनीर किस इकाई में तैयार किया गया था और इसे किन कारोबारियों तक पहुंचाया जाना था।इसके अलावा संबंधित खाद्य व्यवसाय के पंजीकरण, लाइसेंस और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है।यदि पनीर की गुणवत्ता या परिवहन में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो खाद्य सुरक्षा विभाग संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई कर सकता है।
त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान
दीपावली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान बाजारों में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने से खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। मिठाइयों, पनीर, खोया और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।कोसीकलां में राजस्थान से दिल्ली ले जाए जा रहे 2500 किलोग्राम पनीर को पकड़ने की कार्रवाई इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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