राजस्थान

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 31 दिसम्बर तक कृषक करवा सकेंगे फसलों का बीमा

Tara Tandi
7 Dec 2023 12:52 PM GMT
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 31 दिसम्बर तक कृषक करवा सकेंगे फसलों का बीमा
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जालोर । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसलों के लिए कृषक अंतिम तिथि 31 दिसम्बर, 2023 तक बैंक अथवा नजदीकी जनसेवा केन्द्र के माध्यम से ऋणी अथवा गैर-ऋणी कृषक के रूप में अपनी फसलों का बीमा करवा सकते हैं।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आर.बी.सिंह ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत जालोर जिले में रबी 2023-24 के लिए गेहूॅ, चना, सरसों, तारामीरा, जीरा, मेथी एवं ईसबगोल की फसले बीमा हेतु अधिसूचित है। बीमा की इकाई मैथी फसल के लिए तहसील स्तर एवं अन्य अधिकांश फसलों के लिए पटवार मंडल हैं।

जालोर जिले में फसल बीमा के क्रियान्वयन के लिए रिलायन्स जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया है जिसके टोल फ्री नम्बर 18001024088 है। योजनान्तर्गत फसली ऋण लेने वाले ऋणी कृषक, गैर ऋणी कृषक एवं बटाईदार कृषकों द्वारा फसलों का बीमा करवाया जा सकेगा। कृषक द्वारा मात्र एक बैंक या संस्था के माध्यम से ही फसल का बीमा कराया जा सकेगा तथा कृषक द्वारा किसी स्थिति में दोहरा बीमा मान्य नहीं होगा।

उन्होंने बताया कि गैर ऋणी एवं बटाईदार कृषक स्वैच्छिक आधार पर अपनी फसलों का बीमा नामांकन की अन्तिम तिथि 31 दिसम्बर 2023 तक निकट के सहकारी/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं, डाकघर एवं सी.एस.सी के माध्यम से अथवा अधिकृत बीमा कम्पनी रिलायन्स जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड के प्रतिनिधि अथवा फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से भी निर्धारित प्रक्रिया अनुसार करा सकेंगे। फसल बीमा के लिए कृषक को स्वयं प्रमाणित प्रस्तावित क्षेत्रफल में बोई गई या बोई जाने वाली फसलों के खसरा नम्बरों के नवीनतम जमाबन्दी की नकल, एक घोषणा पत्र, आधार कार्ड की प्रति, स्वयं के बैंक खाते की पासबुक कॉपी के साथ प्रस्ताव पत्र प्रस्तुत करना होगा।

इन स्थितियों में मिलेगा योजना का लाभ
उन्होंने बताया कि योजना के तहत बीमित कृषकों को कम वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों से खड़ी फसल (बुवाई से कटाई) में सूखा, लम्बी सुखा अवधि, बाढ़, जलप्लावन, कीट एवं व्याधि, भू-स्खलन, प्राकृतिक आग एवं बिजली का गिरना, तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात, आंधी, समुद्री तूफान, भंवर एवं बवंडर से होने वाले उपज में नुकसान के लिए व्यापक जोखिम बीमा-राज्य सरकार द्वारा संपादित फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त उपज आंकडों के आधार पर, फसल कटाई उपरांत सूखने के लिये खेत में काटकर फैलाकर छोडी गई फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा, असामयिक वर्षा तथा ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान के लिए कटाई उपरांत अधिकतम 2 सप्ताह (14 दिन) की अवधि के लिए, अधिसूचित क्षेत्र के आंशिक कृषि भूमि क्षेत्र में ओलावृष्टि, भू-स्खलन, बादल फटना, प्राकृतिक आग एवं जलप्लावन से व्यक्तिगत आधार पर हुए नुकसान आदि पर बीमा क्लेज देय होगा।

युद्ध, आणविक खतरों, शरारतपूर्ण क्षति एवं अन्य रोके जा सकने वाले जोखिम से होने वाली क्षति को योजना के तहत बीमा कवर से बाहर माना जाएगा।
उन्होंने बताया कि अधिसूचना के अनुसार समस्त अधिसूचित फसलों के लिये जोखिम स्तर 80 प्रतिशत निर्धारित किया गया है तथा फसलों की बीमित राशि की 1.5 प्रतिशत (व्यावसायिक फसलों-जीरा, इसबगोल, मेथी के लिए 5 प्रतिशत) प्रीमियम राशि के रुप में कृषक द्वारा वहन की जायेगी।

अधिसूचित फसलों पर कृषकों को देनी होगी प्रति हैक्टेयर के हिसाब से प्रीमियम राशि
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसलों में प्रति हैक्टेयर के हिसाब से गेहूँ फसल के लिए बीमित राशि 48032 में से प्रीमियम राशि 720.48 रू., चना फसल के लिए बीमित राशि 56672 में से प्रीमियम राशि 850.08 रू., सरसों फसल के लिए बीमित राशि 80085 रू. में से प्रीमियम राशि 1201.275 रू., तारामीरा फसल के लिए बीमित राशि 36010 में से प्रीमियम राशि रू. 540.15 रू., जीरा फसल के लिए बीमित राशि 84882 रू. में से प्रीमियम राशि 4244.10 रू., मैथी फसल के लिए बीमित राशि 62867 में से प्रीमियम राशि 3143.35 रू. तथा इसबगोल फसल के लिए बीमित राशि 79796 में से 3989.80 रू प्रीमियम राशि कृषक को देय करनी होगी।
पुनर्गठित मौसम आधारित फसलों का भी हो सकेगा बीमा
इसके अतिरिक्त पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजनान्तर्गत जिले में रबी मौसम के लिए सौंफ, प्याज एवं टमाटर फसलें अधिसूचित है। इन फसलों पर प्रीमियम राशि 5 प्रतिशत निर्धारित है। इसके लिए जिले में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कं. इंडिया लि. अधिकृत है जिसके टोल फ्री नंबर 18004196116 है।

उन्होंने आग्रह किया है कि रबी फसलों की बुवाई करने वाले कृषक अपनी फसलों का बीमा अवश्य करावें ताकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में वर्णित जोखिम की स्थिति में बीमित कृषकों को बीमा क्लेम का उचित लाभ मिल सकें। कृषक बीमा करवाते समय अपनी बोई गई फसल की सही जानकारी बैंकों/जनसेवा केन्द्रों को अवश्य प्रदान करें, जिससे भविष्य में होने वाली समस्याओं से बचा जा सकें।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जालोर जिले में खरीफ वर्ष 2016 से संचालित है। खरीफ 2016 से अब तक कृषकों की 25.45 लाख बीमा पॉलिसियों पर कुल 2071.52 करोड़ रू. का बीमा क्लेम कृषकों के खातों मे बीमा कंपनियों द्वारा भुगतान किया जा चुका हैं।

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