
Tripura त्रिपुरा: त्रिपुरा ने केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर के अवॉर्ड्स में अपनी शानदार प्रदर्शन क्षमता का प्रदर्शन करते हुए तीन बड़े अवॉर्ड जीतकर राज्य की पंचायती राज संस्थाओं को नेशनल पहचान दिलाई है। राज्य की पंचायत व्यवस्थाओं ने अपने मजबूत गवर्नेंस, सतत विकास और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के कारण यह सम्मान प्राप्त किया है।
शनिवार को अगरतला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंचायत मंत्री किशोर बर्मन ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि अवॉर्ड्स एक बड़े और सघन मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद प्रदान किए गए। इस प्रक्रिया में पूरे भारत के पंचायत क्षेत्रों के गवर्नेंस, विकास प्रयासों और समग्र प्रदर्शन को मापा गया। मंत्री ने कहा कि त्रिपुरा की पंचायती राज संस्थाओं ने मानक और गुणवत्ता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जो इस राष्ट्रीय सम्मान का प्रमाण है।
इस वर्ष सिपाहीजला ज़िला परिषद ने देश में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले पंचायत ज़िले का सम्मान हासिल किया और इसे नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार से नवाज़ा गया। मंत्री किशोर बर्मन ने कहा कि यह अवॉर्ड राज्य के ज़मीनी स्तर के विकास और पंचायत प्रशासन की कुशलता को दर्शाता है। सिपाहीजला ज़िला परिषद ने शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, बुनियादी ढांचा और स्थानीय विकास परियोजनाओं में उल्लेखनीय काम किया है।
इसके अलावा राज्य को दो अन्य श्रेणियों में भी राष्ट्रीय पहचान मिली। कंचनबाड़ी ग्राम पंचायत को हेल्दी पंचायत कैटेगरी में सम्मानित किया गया, जो स्थानीय स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण में उनके उत्कृष्ट प्रयासों का परिचायक है। वहीं, वेस्ट त्रिपुरा ज़िले की बैकंठापुर ग्राम पंचायत को महिला-फ्रेंडली पंचायत अवॉर्ड दिया गया। यह अवॉर्ड उन पंचायतों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने महिला सशक्तिकरण, महिलाओं की भागीदारी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं।
ये दोनों अवॉर्ड दीन दयाल उपाध्याय पंचायती राज सतत विकास पुरस्कार योजना के अंतर्गत दिए गए, जो भारत में पंचायत संस्थाओं के सतत विकास और उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित की जाती है। मंत्री किशोर बर्मन ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय पंचायती संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने और उन्हें राष्ट्रीय मानकों तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
त्रिपुरा की इस सफलता से स्पष्ट होता है कि छोटे राज्यों में भी स्थानीय स्तर पर प्रभावी गवर्नेंस, योजनाओं का सही क्रियान्वयन और सतत विकास के लिए समर्पित प्रयास किए जा सकते हैं। मंत्री ने राज्य की पंचायत संस्थाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत और प्रतिबद्धता की सराहना की और कहा कि यह उपलब्धि भविष्य में राज्य के ग्रामीण विकास और शासन प्रणाली को और मजबूत करेगी।





