त्रिपुरा

Tripura : 236 करोड़ का ‘मिशन क्वीन पाइनएप्पल’ लॉन्च, बनेगी नई वैल्यू चेन

Kavita2
28 May 2026 4:44 PM IST
Tripura : 236 करोड़ का ‘मिशन क्वीन पाइनएप्पल’ लॉन्च, बनेगी नई वैल्यू चेन
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Tripura त्रिपुरा: पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को 236 करोड़ रुपये की ‘मिशन क्वीन पाइनएप्पल’ परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर माणिक साहा और रतन लाल नाथ भी मौजूद रहे।

यह लॉन्च नई दिल्ली में किया गया, जिसका उद्देश्य त्रिपुरा में अनानास उत्पादन को एक संगठित और आधुनिक वैल्यू चेन से जोड़ना है। इस परियोजना के तहत खेती से लेकर स्टोरेज, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट तक एक मजबूत प्रणाली विकसित की जाएगी।

सरकार के अनुसार, इस योजना का मुख्य फोकस राज्य में उगाए जाने वाले प्रीमियम क्वालिटी अनानास को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि भारत की कृषि निर्यात क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के तहत शुरू की गई इस पहल को पूर्वोत्तर राज्यों में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा और किसानों को आधुनिक तकनीक और बाजार से बेहतर जोड़ने में मदद मिलेगी।

लॉन्च के दौरान मंत्री ने कहा कि त्रिपुरा का अनानास पहले से ही अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है और अब इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों को उत्पादन, पैकेजिंग और निर्यात तक हर स्तर पर सहायता देगी।

मंत्री ने अपनी हालिया जर्मनी यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भारतीय अनानास की गुणवत्ता की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि भले ही जर्मन कृषि मंत्री ने भारत का दौरा नहीं किया हो, लेकिन उन्होंने भारतीय अनानास को लेकर सकारात्मक राय व्यक्त की थी, जो इसकी अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है।

नई दिल्ली में इस परियोजना की शुरुआत को केंद्र सरकार की पूर्वोत्तर विकास नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका लक्ष्य क्षेत्रीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से न केवल त्रिपुरा के किसानों को लाभ मिलेगा, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

फिलहाल सरकार इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बना रही है, ताकि उत्पादन क्षमता और निर्यात दोनों को स्थायी रूप से बढ़ाया जा सके।

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