
Tripura त्रिपुरा: त्रिपुरा सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक नया ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य स्कूलों के प्रशासनिक कामकाज और छात्रों के प्रदर्शन को बेहतर तरीके से ट्रैक करना और शिक्षा गवर्नेंस को मजबूत करना है।
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. मिलिंद धर्मराव रामटेके ने एक वर्कशॉप के दौरान लॉन्च किया। इस कार्यक्रम का आयोजन NIPUN त्रिपुरा सेल और डायरेक्टरेट ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन के अंतर्गत प्री-प्राइमरी सेल द्वारा किया गया था।
नई व्यवस्था के तहत अब राज्य के सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों की निरीक्षण रिपोर्ट और छात्र मूल्यांकन रिकॉर्ड सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए जा सकेंगे। इसके माध्यम से जिला और राज्य स्तर की शिक्षा प्राधिकरण एक केंद्रीकृत डिजिटल डैशबोर्ड पर स्कूलों की स्थिति, प्रशासनिक कार्यों और शिक्षण परिणामों की निगरानी कर सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार इस सिस्टम से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और समय पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रों की सीखने की प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा सके और जहां सुधार की आवश्यकता हो, वहां तुरंत कार्रवाई की जा सके।
कार्यक्रम में बोलते हुए डॉ. रामटेके ने कहा कि इस नए फ्रेमवर्क के तहत ब्लॉक रिसोर्स पर्सन्स (BRPs) और क्लस्टर रिसोर्स पर्सन्स (CRPs) को कक्षा I से V तक की बुनियादी शिक्षा की निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी। वे नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करेंगे और अपने अवलोकन को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करेंगे।
नई व्यवस्था के अनुसार ये अधिकारी हर दो सप्ताह में कम से कम एक बार स्कूलों का दौरा करेंगे। उनके द्वारा दिए गए फीडबैक और रिपोर्ट को डिजिटल सिस्टम में दर्ज किया जाएगा, जिससे शिक्षा विभाग को वास्तविक समय में स्कूलों की स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस डिजिटल पहल से न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि छात्रों के सीखने के स्तर में भी सुधार होगा। इससे शिक्षकों की जवाबदेही भी बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के लागू होने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के स्कूलों पर भी बेहतर नजर रखी जा सकेगी, जिससे शिक्षा में असमानता को कम करने में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार ने इस कदम को शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुधार बताया है और कहा है कि आने वाले समय में इस प्रणाली को और अधिक उन्नत किया जाएगा, ताकि पूरे राज्य में एक समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।





