
Tripura त्रिपुरा: अगरतला के IGM हॉस्पिटल में कथित मेडिकल लापरवाही के चलते एक गर्भवती महिला की मौत के एक दिन बाद त्रिपुरा सरकार के स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को त्रिपुरा की स्वास्थ्य सचिव किरण गिट्टे ने स्वयं अस्पताल का दौरा किया और वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ स्वास्थ्य विभाग के निदेशक और अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट निर्मल सरकार भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, आपातकालीन सेवाओं और प्रसूति विभाग का दौरा किया। उन्होंने मौके पर मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ से बातचीत कर अस्पताल में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, संसाधनों की उपलब्धता और चिकित्सा व्यवस्था की कार्यप्रणाली को लेकर भी समीक्षा की।
यह पूरा मामला एक गर्भवती महिला की मौत से जुड़ा है, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली थी। आरोप लगाया गया है कि इलाज में लापरवाही और समय पर उचित चिकित्सा सहायता न मिलने के कारण महिला की जान गई। घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे और मामले ने तूल पकड़ लिया।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य सचिव किरण गिट्टे ने कहा कि यह एक गंभीर घटना है और इसे लेकर तुरंत कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि मामले से जुड़ी एक आधिकारिक रिपोर्ट उन्हें मिल चुकी है और उसे विस्तार से देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि अस्पतालों में बेहतर व्यवस्था और मरीजों को समय पर इलाज देना विभाग की प्राथमिकता है, और इस तरह की घटनाएं पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी संबंधित रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट और स्टाफ की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। इस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से भी कहा गया है कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। मेडिकल सुपरिटेंडेंट निर्मल सरकार ने कहा कि अस्पताल में सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इस घटना की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की समीक्षा की जा रही है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों देखने को मिल रही है। लोग अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की संभावना है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।





