
Tripura त्रिपुरा: त्रिपुरा हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को हाई कोर्ट में अतिरिक्त पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) नियुक्त करने के लिए तुरंत कदम उठाने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि मौजूदा पब्लिक प्रॉसिक्यूटर पर अत्यधिक कार्यभार होने के कारण वे सभी मामलों में प्रभावी रूप से उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं, जिससे न्यायिक कार्यवाही प्रभावित हो रही है।
यह निर्देश जस्टिस टी. अमरनाथ गौड़ और जस्टिस एस. दत्ता पुरकायस्थ की डिवीजन बेंच ने बुधवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि सरकारी पक्ष की ओर से पर्याप्त कानूनी प्रतिनिधित्व नहीं हो पा रहा है।
कोर्ट के अनुसार, मंगलवार को जब एक मामले की सुनवाई हुई थी, तब पब्लिक प्रॉसिक्यूटर राजू दत्ता अदालत में उपस्थित नहीं थे। उनकी जगह अधिवक्ता के. पांडे पेश हुए और उन्होंने अदालत को बताया कि पीपी उसी समय किसी अन्य अदालत में कार्य में व्यस्त थे।
इसी तरह की स्थिति बुधवार को भी देखने को मिली, जब संबंधित मामले की सुनवाई के लिए बुलाया गया, लेकिन पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की अनुपस्थिति से कार्यवाही प्रभावित हुई। इस स्थिति को लेकर अदालत ने नाराजगी व्यक्त की।
डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि पिछले कई महीनों से यह देखा जा रहा है कि राज्य के वरिष्ठ पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अकेले ही विभिन्न अदालतों में पेश हो रहे हैं और सभी मामलों में समय पर उपस्थिति दर्ज कराना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा है।
अदालत ने टिप्पणी की, “पिछले कई महीनों से इस कोर्ट को यह अनुभव हो रहा है कि जानकार पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अकेले ही कोर्ट के सामने पेश हो रहे हैं और वह सभी कोर्ट में मामलों में शामिल होने और उनकी तरफ से पेश होने को सही ठहराने की स्थिति में नहीं हैं।”
इस स्थिति पर चिंता जताते हुए हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सरकार को अब न्यायिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए अतिरिक्त पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि मामलों की सुनवाई प्रभावित न हो और सरकारी पक्ष की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित हो सके।
अदालत ने राज्य सरकार से इस दिशा में तत्काल आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।





