
x
Tripura त्रिपुरा: मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य में जल संकट और पानी की उपलब्धता को लेकर एक नई पहल का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने भारत सरकार की अभिनव योजना को अपनाया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में उन्होंने कई अभिनव विचार देखे और उन्हें पहले भी साझा किया है। कई क्षेत्रों में चाहे मिट्टी में कितना ही छोटा बोर ट्यूब डाला जाए, पानी तक नहीं पहुँच पाता। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह योजना अपनाई है।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अपने संबोधन में बताया कि राज्य में कई ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जल की कमी किसानों और आम जनता दोनों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। खेती के लिए पानी का अभाव, घरेलू उपयोग में कठिनाई और पेयजल संकट ने स्थानीय लोगों की जीवन गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर डाला है। ऐसे में सरकार ने भारत सरकार द्वारा शुरू की गई अभिनव योजना को अपनाकर जल आपूर्ति में सुधार और सतत कृषि को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा, “मैंने विधानसभा में देखा है कि कई क्षेत्रों में मिट्टी इतनी घनी है कि बोरवेल डालने के बावजूद पानी नहीं मिल पाता। यह किसानों के लिए बड़ी चुनौती थी। इसी कारण से हमने यह अभिनव योजना लागू की, जिससे मिट्टी के भीतर पानी की उचित उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।” मुख्यमंत्री ने योजना के तहत बोरवेल और जल आपूर्ति उपकरणों में तकनीकी सुधार की जानकारी दी, जिससे कम समय में अधिक प्रभावशाली परिणाम हासिल किए जा सकें। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस योजना के तहत तकनीकी उपकरणों और स्मार्ट बोरिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा सके। इससे किसानों को सिंचाई में मदद मिलेगी और पानी की बचत भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने यह भी बताया कि योजना में स्थानीय समुदायों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया है, ताकि लोगों को स्वयं अपने क्षेत्र में पानी प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिले।
राज्य सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट कम करने और कृषि उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल पानी उपलब्ध कराना ही नहीं है, बल्कि इसे लंबे समय तक स्थायी और प्रभावशाली बनाना भी है। इस योजना के माध्यम से बोरवेल की दक्षता बढ़ाई जाएगी और मिट्टी की संरचना के अनुसार जल स्त्रोतों तक पानी पहुँचाने के उपाय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस अभिनव योजना को लागू करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और कृषि विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और पानी के कुशल उपयोग पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। माणिक साहा ने स्थानीय मीडिया से आग्रह किया कि इस योजना के लाभ और सफल कार्यान्वयन की जानकारी जनता तक पहुँचाने में मदद करें।
मुख्यमंत्री ने जनता से भी अपील की कि वे इस योजना में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जल संरक्षण के लिए निर्धारित उपायों का पालन करें। उनका कहना था कि “जब तक जनता सहयोग नहीं करेगी, सरकारी प्रयास अकेले पर्याप्त नहीं होंगे। हर नागरिक का योगदान इस योजना की सफलता के लिए अनिवार्य है। इस अभिनव योजना के लागू होने के बाद त्रिपुरा के दूरदराज के क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में राज्य के किसान और ग्रामीण समुदाय जल संकट से राहत पाएंगे और कृषि क्षेत्र में उत्पादन में वृद्धि देखी जा सकेगी। त्रिपुरा सरकार का यह कदम जल प्रबंधन और सतत कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, जिससे राज्य में पानी की कमी की समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार होगा।
Tagsत्रिपुरामाणिक साहामुख्यमंत्रीजल संकटअभिनव योजनाभारत सरकारजल आपूर्तिबोरवेलखेतीग्रामीण विकासकृषि सुधारपानी की उपलब्धताजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





