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त्रिपुरा BJP को मिला नया प्रदेश अध्यक्ष, अभिषेक देबरॉय को सौंपी कमान

Kavita2
29 May 2026 4:54 PM IST
त्रिपुरा BJP को मिला नया प्रदेश अध्यक्ष, अभिषेक देबरॉय को सौंपी कमान
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Tripura त्रिपुरा: अगर किसी पार्टी में नेतृत्व बदलना ‘धीरे-धीरे’ होता है, तो यहां मामला थोड़ा साफ और सीधा दिखा—भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को पहली बार विधायक बने अभिषेक देबरॉय को त्रिपुरा प्रदेश इकाई का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया, जिससे लंबे समय से चल रही संगठनात्मक अनिश्चितता खत्म हो गई।

Bharatiya Janata Party ने यह जिम्मेदारी 44 वर्षीय विधायक अभिषेक देबरॉय को सौंपी है, जो गोमती जिले की माताबारी विधानसभा सीट से चुनकर आए हैं। वे अब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजीब भट्टाचार्जी की जगह लेंगे। भट्टाचार्जी का कार्यकाल पिछले वर्ष अगस्त में समाप्त हो गया था और बाद में उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया।

इस नियुक्ति के साथ ही पार्टी ने त्रिपुरा संगठन में नई नेतृत्व संरचना को स्पष्ट कर दिया है। देबरॉय इससे पहले गोमती जिला अध्यक्ष के तौर पर काम कर चुके हैं और बाद में उन्हें पार्टी की राज्य कमेटी में भी शामिल किया गया था। संगठनात्मक कामकाज और युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भूमिका को उनकी नई जिम्मेदारी का अहम आधार माना जा रहा है।

अभिषेक देबरॉय का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2017 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने युवा मोर्चा और स्थानीय निकाय चुनावों में सक्रिय भागीदारी की, जिससे उनकी संगठनात्मक पकड़ मजबूत हुई।

2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें माताबारी सीट से उम्मीदवार बनाया था, जहां उन्होंने जीत दर्ज कर पहली बार विधायक बनने का अवसर हासिल किया। इसके बाद पार्टी के भीतर उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, देबरॉय की नियुक्ति को संगठन में युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि त्रिपुरा में संगठन को और सक्रिय बनाने के लिए नए नेतृत्व पर भरोसा जताया गया है।

इस बदलाव के साथ राज्य इकाई में चल रही नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति अब समाप्त हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय आगामी राजनीतिक रणनीतियों और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

फिलहाल नई जिम्मेदारी संभालने के बाद अभिषेक देबरॉय के सामने संगठन को एकजुट रखने और राज्य में पार्टी की पकड़ को और मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी।

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