त्रिपुरा

Tripura विधानसभा का विशेष सत्र 30 अप्रैल को, महिला आरक्षण पर होगी चर्चा

Harrison
27 April 2026 7:51 PM IST
Tripura  विधानसभा का विशेष सत्र 30 अप्रैल को, महिला आरक्षण पर होगी चर्चा
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Tripura त्रिपुरा: त्रिपुरा विधानसभा 30 अप्रैल को एक दिन का विशेष सत्र आयोजित करेगी, जिसमें महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों को मजबूत करने और उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस सत्र का मुख्य फोकस 131वें संविधान संशोधन बिल, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम से जाना जाता है, पर रहेगा।
इस विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान प्रस्तावित है। सरकार की ओर से इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस विशेष सत्र की घोषणा राज्य के संसदीय कार्य मंत्री रतन लाल नाथ ने सोमवार को की। उन्होंने यह जानकारी बिज़नेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक के बाद दी। बैठक में सत्र के एजेंडे और चर्चा के मुद्दों को अंतिम रूप दिया गया।
मंत्री ने बताया कि सत्र के दौरान महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रावधानों पर भी विचार-विमर्श होगा, ताकि राज्य स्तर पर इसके समर्थन को मजबूत किया जा सके।
सरकार का मानना है कि इस तरह के विधायी प्रयासों से महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक भागीदारी मिलेगी। वर्तमान में महिलाओं की राजनीतिक प्रतिनिधित्व दर सीमित है, जिसे बढ़ाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेष सत्र में विभिन्न दलों के विधायकों के भाग लेने की उम्मीद है, जहां वे अपने विचार और सुझाव रखेंगे। इस दौरान महिला सुरक्षा, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा केंद्र में रह सकती है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देशभर में पहले भी चर्चा होती रही है। यह विधेयक महिलाओं को विधायी निकायों में अधिक प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, कुल सीटों में से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है।
त्रिपुरा विधानसभा का यह विशेष सत्र ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब देश में महिला सशक्तिकरण को लेकर विभिन्न स्तरों पर पहल की जा रही है। राज्य सरकार का कहना है कि इस सत्र के माध्यम से इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
सत्र के दौरान पारित होने वाले प्रस्तावों और चर्चा के निष्कर्षों पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है। फिलहाल सभी की नजर 30 अप्रैल को होने वाले इस विशेष सत्र पर है, जहां महिला अधिकारों से जुड़े अहम मुद्दों पर निर्णय लिए जाने की संभावना है।
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