
Tripura त्रिपुरा: त्रिपुरा में सरकारी प्री-प्राइमरी स्कूलों में इस एकेडमिक वर्ष में नामांकन में पिछले साल की तुलना में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह जानकारी शुक्रवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दी। विभाग ने इस वृद्धि को शुरुआती शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नई पहल का सकारात्मक परिणाम बताया है।
यह अपडेट वेस्ट त्रिपुरा जिले में डायरेक्टरेट ऑफ़ एलिमेंट्री एजुकेशन द्वारा आयोजित पांच दिवसीय टीचर ट्रेनिंग वर्कशॉप के समापन सत्र के दौरान साझा किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह वर्कशॉप शिक्षकों को आधुनिक और प्रभावी शिक्षण तरीकों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 मई को शुरू हुआ था, जिसमें 2026-27 शैक्षणिक सत्र में शुरू किए गए 94 नए प्री-प्राइमरी स्कूलों के लगभग 100 शिक्षक शामिल हुए। इस दौरान शिक्षकों को शुरुआती बाल शिक्षा (Early Childhood Education) के लिए खेल-आधारित (Play-based) शिक्षण पद्धतियों और कक्षा में व्यवहारिक शिक्षण तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि छोटे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के लिए खेल, गतिविधियों और इंटरैक्टिव तरीकों का उपयोग किया जाना जरूरी है। अधिकारियों ने कहा कि इससे बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार होता है और स्कूल छोड़ने की दर भी कम होती है।
शिक्षा विभाग ने बताया कि नए प्री-प्राइमरी स्कूलों की स्थापना और शिक्षकों के प्रशिक्षण का सीधा असर नामांकन में बढ़ोतरी के रूप में सामने आया है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ने से अभिभावकों का सरकारी स्कूलों पर भरोसा भी बढ़ा है।
क्लोजिंग सेशन के दौरान अधिकारियों ने शिक्षकों को बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर ध्यान देने और कक्षा में सकारात्मक माहौल बनाने पर जोर देने की सलाह दी।
विभाग ने कहा कि आने वाले समय में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम और भी जिलों में आयोजित किए जाएंगे ताकि शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके।





