त्रिपुरा

DGP अनुराग धनखड़ की संदिग्ध मौत, बागपत के गांव में छाया गम का माहौल

Ratna Netam
20 July 2026 4:02 PM IST
DGP अनुराग धनखड़ की संदिग्ध मौत, बागपत के गांव में छाया गम का माहौल
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Agartala अगरतला : अगरतला/बागपत। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ सोमवार को राज्य पुलिस मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में मृत पाए गए। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की अचानक मौत की खबर से पूरे त्रिपुरा में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले स्थित उनके पैतृक गांव बिहारीपुर में भी मातम का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक, अनुराग धनखड़ सोमवार सुबह पुलिस मुख्यालय में अचेत अवस्था में पाए गए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की वजह को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में संदिग्ध परिस्थितियों और आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है।

अनुराग धनखड़ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बिहारीपुर गांव के रहने वाले थे। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर फैल गई। ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने बताया कि अनुराग धनखड़ ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और क्षेत्र का नाम रोशन किया।

हालांकि, अनुराग धनखड़ के भाई वर्तमान में गांव में नहीं रहते हैं और उनके पैतृक मकान पर ताला लगा हुआ है। उनकी मौत की जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्य और रिश्तेदार त्रिपुरा के लिए रवाना हो गए हैं। बड़ौत और लोनी में रहने वाले उनके भाई भी त्रिपुरा पहुंचने के लिए निकल चुके हैं।

अनुराग धनखड़ 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी थे। अपने लंबे और प्रतिष्ठित करियर के दौरान उन्होंने देश की कई महत्वपूर्ण सुरक्षा और जांच एजेंसियों में सेवाएं दीं। वह कानून व्यवस्था से जुड़े कई अहम पदों पर तैनात रहे।

अपने करियर के दौरान अनुराग धनखड़ ने 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो मिशन में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। साल 2003-04 के दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मिशन में सेवाएं दीं।

इसके बाद साल 2005 से 2013 तक वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में तैनात रहे। इस दौरान उन्होंने एसपी और डीआईजी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उनकी गिनती अनुभवी और कुशल पुलिस अधिकारियों में होती थी।

2013 से 2016 तक अनुराग धनखड़ त्रिपुरा में आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) के पद पर भी रहे। बाद में उन्होंने राज्य पुलिस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और अंततः त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक के पद तक पहुंचे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के निधन से पुलिस विभाग में भी शोक का माहौल है। अधिकारी और कर्मचारी उनके योगदान को याद कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

अनुराग धनखड़ की अचानक मौत ने पुलिस विभाग, उनके परिवार और परिचितों को गहरा सदमा पहुंचाया है। जांच पूरी होने के बाद ही उनकी मौत से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो पाएगा।

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