त्रिपुरा
रहीमपुर बाजार में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन, BSF हमले के बाद बढ़ी चौकसी
Ratna Netam
7 Nov 2026 7:20 PM IST

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अगरतला। त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हुए हमले के बाद भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में रहीमपुर बाजार और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में बीएसएफ, त्रिपुरा पुलिस तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने तलाशी और सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान स्थानीय लोगों की पहचान, जमीन के दस्तावेजों और संपत्तियों से संबंधित जानकारियों की जांच की जा रही है।यह कार्रवाई 2 नवंबर को अशाबाड़ी गांव में बीएसएफ जवानों पर हुए हमले के बाद बढ़ाई गई सतर्कता का हिस्सा है। अधिकारियों का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना, अवैध घुसपैठ की आशंकाओं की जांच करना और तस्करी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
बीएसएफ जवानों पर हमले के बाद बढ़ाई गई निगरानी
दरअसल, 2 नवंबर को त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले के अशाबाड़ी इलाके में बीएसएफ के 49वीं बटालियन के जवानों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद के बाद हिंसक झड़प हो गई थी। यह घटना भारत-बांग्लादेश सीमा के नजदीक हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सीमा क्षेत्र में संदिग्ध तस्करी गतिविधियों को लेकर बीएसएफ जवानों और स्थानीय निवासी के बीच विवाद शुरू हुआ था।बताया गया कि बीएसएफ जवानों ने हिफजुर रहमान नाम के एक स्थानीय व्यक्ति को संदेह के आधार पर रोका था। इस दौरान उसके साथ कथित मारपीट किए जाने का आरोप लगा। इसके बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने अशाबाड़ी-रहीमपुर मार्ग पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम होने से इलाके में आवागमन भी प्रभावित हुआ।स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब रहीमपुर की ओर से बॉक्सानगर जा रहे बीएसएफ के वाहन को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया। वाहन में सहायक कमांडेंट रोहित कुमार सहित अन्य जवान मौजूद थे। भीड़ ने कथित तौर पर जवानों पर लाठी और बांस के डंडों से हमला किया। इस दौरान वाहन में भी तोड़फोड़ की गई और कई बीएसएफ कर्मी घायल हो गए।
रहीमपुर बाजार में संयुक्त टीम ने शुरू की जांच
घटना के बाद प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री माणिक साहा की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके तहत बीएसएफ, स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की टीमें गठित कर जांच अभियान चलाया जा रहा है।रहीमपुर बाजार और आसपास के गांवों में चलाए जा रहे अभियान के दौरान जमीन के रिकॉर्ड, संपत्ति के दस्तावेज और स्थानीय निवासियों की पहचान से जुड़ी जानकारियों का सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से यह भी जांच की जा रही है कि संबंधित संपत्तियों के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज सही हैं या नहीं।शनिवार को अभियान के दौरान कुछ ऐसे लोगों को भी पुलिस थाने ले जाकर पूछताछ की गई, जिनके भारत में प्रवेश और पहचान को लेकर संदेह जताया गया था। सुरक्षा एजेंसियां उनकी पहचान और स्थानीय निवास से संबंधित जानकारियों का सत्यापन कर रही हैं।प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले लोगों की पहचान करना और सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाना है। अधिकारियों का मानना है कि सीमा के आसपास जमीन और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मददगार हो सकती है।
अब तक 18 आरोपी गिरफ्तार
बीएसएफ जवानों पर हमले के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए तलाशी अभियान चलाया गया और अब तक कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं।6 नवंबर को पुलिस ने आठ और लोगों को गिरफ्तार किया था। इन्हें सिपाहीजला जिले के अलग-अलग इलाकों से पकड़ा गया। इससे पहले भी मामले में कई गिरफ्तारियां की जा चुकी थीं। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है।आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS) तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार सभी 18 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
सीमा पार भागने की आशंका को लेकर भी सतर्कता
हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक बड़ी चुनौती आरोपियों को सीमावर्ती रास्तों से भागने से रोकना भी है। त्रिपुरा की सीमा बांग्लादेश से लगती है और सिपाहीजला जिले का अशाबाड़ी क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित है। ऐसे में पुलिस ने बीएसएफ को सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए कहा है।जांच एजेंसियों को आशंका थी कि हमले में शामिल कुछ आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए सीमा पार कर बांग्लादेश में शरण लेने की कोशिश कर सकते हैं। इसी वजह से सीमा पर निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध आवाजाही पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।सीमा क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने हमले की निंदा की थी
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बीएसएफ जवानों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि देश की सीमाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बीएसएफ के जवान कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। सुरक्षा बलों पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है।
सीमावर्ती सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
अशाबाड़ी में हुई घटना के बाद त्रिपुरा के सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है। बीएसएफ जवानों पर हमले, वाहन में तोड़फोड़ और हथियार छीनने की कथित कोशिश ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है।रहीमपुर बाजार में चलाया जा रहा संयुक्त तलाशी एवं सत्यापन अभियान इसी दिशा में उठाया गया कदम है। इसमें पुलिस, बीएसएफ और राजस्व विभाग के अधिकारी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। फिलहाल अधिकारियों का ध्यान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, संपत्तियों के रिकॉर्ड की जांच और सीमा पर अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखने पर केंद्रित है।जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सीमावर्ती इलाके में सामने आए संदिग्ध मामलों के पीछे कौन लोग शामिल हैं और उनका किसी अवैध गतिविधि से संबंध है या नहीं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और रहीमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में जांच जारी है।
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