त्रिपुरा

राष्ट्रीय एकता में सरदार पटेल की भूमिका अविस्मरणीय, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने किया नमन

Ratna Netam
31 Oct 2026 9:44 PM IST
राष्ट्रीय एकता में सरदार पटेल की भूमिका अविस्मरणीय, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने किया नमन
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अगरतला। राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में सरदार वल्लभभाई पटेल का योगदान अविस्मरणीय है। उनके विचार, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी देशवासियों को एकजुट रहने की प्रेरणा देते हैं। यह बात त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में कही। उन्होंने लोगों से देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने का आह्वान किया।त्रिपुरा में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम अगरतला के स्वामी विवेकानंद मैदान में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कार्यक्रम में शामिल होकर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई और एकता दौड़ (रन फॉर यूनिटी) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी, विद्यार्थी और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सरदार पटेल ने एकजुट किया था देश
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अपने संबोधन में सरदार वल्लभभाई पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि आजादी के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक विभिन्न रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करना था। उस समय देश अनेक छोटी-बड़ी रियासतों में बंटा हुआ था। ऐसी परिस्थितियों में सरदार पटेल ने अपनी दूरदर्शिता, राजनीतिक इच्छाशक्ति और दृढ़ नेतृत्व से राष्ट्रीय एकीकरण का महत्वपूर्ण कार्य किया।उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1947 से 1949 के बीच लगभग 565 रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करने की ऐतिहासिक प्रक्रिया में सरदार पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों ने स्वतंत्र भारत की राजनीतिक और भौगोलिक एकता को मजबूत आधार प्रदान किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल को लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। उन्होंने जिस साहस और दृढ़ संकल्प के साथ देश की एकता के लिए काम किया, वह भारतीय इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता ने देश को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विविधता में एकता ही भारत की असली ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं, धर्मों और जीवनशैलियों वाला देश है। यहां अलग-अलग क्षेत्रों की अपनी विशिष्ट पहचान और परंपराएं हैं, लेकिन इन सभी विविधताओं के बावजूद देश के नागरिकों की एक साझा पहचान है और वह है भारतीय होना।उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है। देश की सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को बनाए रखते हुए राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। लोगों को जाति, भाषा, क्षेत्र और सांस्कृतिक भिन्नताओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए।माणिक साहा ने कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल सरकारी कार्यक्रमों या औपचारिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनाना आवश्यक है। समाज में आपसी विश्वास, भाईचारा, सद्भाव और सहयोग की भावना मजबूत होगी, तभी देश की एकता और अखंडता को स्थायी रूप से सुरक्षित रखा जा सकेगा।
युवाओं से राष्ट्र निर्माण में भागीदारी की अपील
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत होती है। युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करना बेहद जरूरी है।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं को सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने के लिए आगे आना चाहिए। समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और लोगों को एकजुट रखने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के लोगों को भी राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दें। प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए और देश की सुरक्षा, संप्रभुता तथा अखंडता के प्रति सजग रहना चाहिए।उन्होंने कहा कि राष्ट्र की मजबूती केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
एकता दौड़ में विद्यार्थियों और नागरिकों ने लिया हिस्सा
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई। इसके बाद उन्होंने रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाई। यह दौड़ स्वामी विवेकानंद मैदान से शुरू होकर अगरतला की विभिन्न सड़कों से गुजरते हुए उमाकांता अकादमी परिसर में समाप्त हुई।इस आयोजन में विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इसके अलावा समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों ने भी भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में मत्स्य पालन मंत्री सुधांशु दास, विधायक मीना रानी सरकार, अंतरा देब सरकार, स्वास्थ्य सचिव किरण गिट्टे, पद्मश्री सम्मानित जिम्नास्ट दीपा करमाकर और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।इसके साथ ही राज्य में त्रिपुरा पुलिस और अन्य संस्थानों की ओर से भी राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। अगरतला के एडी नगर पुलिस लाइंस मैदान में पुलिसकर्मियों और विभिन्न सुरक्षा बलों ने मार्च-पास्ट एवं परेड के माध्यम से अनुशासन, देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
2014 से मनाया जा रहा राष्ट्रीय एकता दिवस
उल्लेखनीय है कि सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य देश के एकीकरण में सरदार पटेल के योगदान को याद करना और नागरिकों के बीच राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की भावना को मजबूत करना है।इस वर्ष सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। त्रिपुरा में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री माणिक साहा ने संदेश दिया कि सरदार पटेल के विचार केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आज भी देश की एकता, सामाजिक सद्भाव और मजबूत राष्ट्र निर्माण के लिए प्रासंगिक हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर देश की प्रगति और सुरक्षा में योगदान देने की अपील की।
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