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Agartala अगरतला: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अगरतला रेलवे स्टेशन का कायापलट होने जा रहा है। इसके पहले चरण के रीडेवलपमेंट (पुनर्विकास) कार्यों के लिए 48 करोड़ रुपए के शुरुआती निवेश को मंजूरी दी गई है। स्टेशन के आधुनिकीकरण के साथ-साथ, अगले 10 दिनों में अगरतला और दक्षिणी असम के करीमगंज के बीच एक नई मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) पैसेंजर ट्रेन सेवा शुरू होने की उम्मीद है, जिससे इलाके में रेल कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा। इन विकास कार्यों की जानकारी देते हुए नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) के जनरल मैनेजर चेतन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन कॉम्प्लेक्स के बीच में तीन मंजिला स्टेशन बिल्डिंग बनाई जाएगी। जनरल मैनेजर ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर, लुमडिंग डिवीजन के तहत त्रिपुरा में रेलवे के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑपरेशनल सुविधाओं का दो दिनों तक बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान श्रीवास्तव ने ट्रैक की हालत, रेलवे की संपत्तियों, यात्रियों के लिए सुविधाओं और चल रहे विकास कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने इस क्षेत्र में ऑपरेशनल क्षमता, यात्रियों की सुविधा और रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के मकसद से चल रहे अलग-अलग प्रोजेक्ट्स की प्रगति का भी आकलन किया। एनएफआर के जनरल मैनेजर के मुताबिक, अगरतला रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का पूरा प्रोजेक्ट अगले साल मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी अनुमानित लागत 48 करोड़ रुपए है। नए रूप में तैयार होने वाले स्टेशन में कमर्शियल स्पेस, रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया, यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं, आधुनिक रिटायरिंग रूम, कम कीमत वाले स्लीपिंग पॉड्स, बेहतर पार्किंग सुविधाएं और अच्छी तरह से प्लान किया गया सर्कुलेटिंग एरिया होगा।
उन्होंने कहा कि खराब हालत में मौजूद तीन रिटायरिंग रूम की जगह बेहतर सुविधाओं वाले 8 से 10 आधुनिक कमरे बनाए जाएंगे, जिससे त्रिपुरा में कम समय के लिए रुकने वाले पर्यटकों और यात्रियों को फायदा होगा। श्रीवास्तव ने बताया कि 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत उत्तरी त्रिपुरा के कुमारघाट और गोमती जिले के उदयपुर में रीडेवलपमेंट का काम तेजी से चल रहा है और इसके इस साल सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने के आधार पर अगरतला रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की संख्या मौजूदा तीन से बढ़ाकर पांच की जा सकती है। जनरल मैनेजर ने भीड़-भाड़ को लेकर यात्रियों की चिंताओं पर बात करते हुए कहा कि जल्द ही अगरतला और करीमगंज के बीच मेमू ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी।
इस सेवा के हफ्ते में छह दिन चलने की उम्मीद है और यह नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर रेलवे जोन के तहत पहली मेमू सेवा होगी, जिससे त्रिपुरा और असम दोनों जगहों पर रोजाना सफर करने वालों और यात्रियों को फायदा होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के अंत तक सभी बचे हुए आईसीएफ कोच को ज्यादा सुरक्षित और आधुनिक एलएचबी कोच से बदल दिया जाएगा। श्रीवास्तव ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर रेलवे नेटवर्क में 100 प्रतिशत रेलवे इलेक्ट्रिफ़िकेशन का काम पूरा हो चुका है। पूरे पैमाने पर इलेक्ट्रिक ट्रेन ऑपरेशन शुरू करने से पहले जरूरी ट्रेनिंग और ऑपरेशनल तैयारी चल रही है। उन्होंने त्रिपुरा में चल रहे रेलवे प्रोजेक्ट्स का जिक्र करते हुए कहा कि सेकेरकोट में रेलवे, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (पीडब्ल्यूडी) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) से जुड़े डेवलपमेंट के काम अगस्त के अंत तक पूरे होने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी बताया कि एक नए पेट्रोलियम टर्मिनल साइडिंग का निर्माण चल रहा है, जिससे फ्यूल वैगन की आवाजाही आसान होगी और राज्य की फ्यूल स्टोरेज क्षमता मजबूत होगी, जिससे 30 दिनों तक का रिजर्व स्टॉक रखा जा सकेगा। जनरल मैनेजर ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को दिया। एनएफआर के चीफ पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने कहा कि जनरल मैनेजर द्वारा इस तरह के निरीक्षण त्रिपुरा में खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वहां भारी बारिश और मुश्किल इलाके के कारण सुरक्षित और भरोसेमंद ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जरूरत होती है।
अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान श्रीवास्तव ने अगरतला कोचिंग डिपो का निरीक्षण किया और कोच के रखरखाव, सफाई, सुरक्षा नियमों के पालन और संचालन की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अगरतला में रनिंग रूम का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने रहने की व्यवस्था, साफ-सफाई के मानकों और ट्रेन संचालन करने वाले क्रू सदस्यों को दी जाने वाली सुविधाओं का आकलन किया। साथ ही, उन्होंने सुरक्षित, कुशल और भरोसेमंद ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने में कर्मचारियों के कल्याण के महत्व पर जोर दिया। शर्मा ने कहा कि 2016 में अगरतला में ब्रॉड-गेज सेवाओं की शुरुआत के बाद से त्रिपुरा में रेल कनेक्टिविटी में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
अगरतला-अखौरा (बांग्लादेश) इंटरनेशनल रेल लिंक, नारंगी-अगरतला एक्सप्रेस और प्रस्तावित इलेक्ट्रिक मेमू और वंदे भारत सेवाओं जैसी प्रमुख पहल कनेक्टिविटी को और मतबूत कर रही हैं, यात्रियों की सुविधा बढ़ा रही हैं और राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद कर रही हैं। सीपीआरओ ने कहा कि यह निरीक्षण रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने और सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने पर एनएफआर के लगातार फोकस को दर्शाता है। ऐसी पहल त्रिपुरा और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में भरोसेमंद, कुशल और यात्री-अनुकूल रेलवे सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
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