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चुनाव जीतते ही राजनीति से संन्यास का फैसला
अगरतला: त्रिपुरा की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। टिपरा मोथा पार्टी के संस्थापक और त्रिपुरा के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने सक्रिय राजनीति छोड़ने की घोषणा की है। उनका यह फैसला त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (TTAADC) के ग्राम समिति चुनावों में पार्टी की जीत के बाद सामने आया है।
प्रद्योत देबबर्मा ने 7 अक्टूबर को जारी अपने पत्र में कहा कि वह अब राजनीतिक पद नहीं संभालेंगे और रोजमर्रा की राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने नवंबर 2026 से सक्रिय राजनीति से दूर रहने की बात कही है।
अपने फैसले के पीछे उन्होंने स्वास्थ्य, परिवार और मानसिक शांति को प्रमुख कारण बताया। देबबर्मा ने कहा कि लंबे समय तक राजनीतिक संघर्ष, लगातार यात्राओं और सार्वजनिक जीवन की जिम्मेदारियों ने उनके निजी जीवन पर असर डाला है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्रिय राजनीति से अलग होने के बावजूद वह त्रिपुरा के लोगों, विशेषकर आदिवासी समुदाय के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
प्रद्योत देबबर्मा लंबे समय से टिपरासा समुदाय के अधिकारों और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से टिपरासा समझौते को लागू करने की अपील भी की है। यह समझौता मार्च 2024 में हुआ था। उन्होंने ग्राम समिति चुनाव में जीत का श्रेय जनता को दिया और निर्वाचित प्रतिनिधियों से ईमानदारी के साथ गांवों के विकास के लिए काम करने की अपील की।
देबबर्मा के इस फैसले को त्रिपुरा की क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने सक्रिय राजनीति छोड़ने का ऐलान किया है, लेकिन सामाजिक मुद्दों और आदिवासी अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जारी रखने की बात कही है।
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