
Tripura त्रिपुरा: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नॉर्थईस्ट में हुए विधानसभा उपचुनावों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए त्रिपुरा और नागालैंड दोनों राज्यों में महत्वपूर्ण जीत और बढ़त दर्ज की है। इन नतीजों को क्षेत्र में पार्टी की लगातार बढ़ती राजनीतिक पकड़ के रूप में देखा जा रहा है।
त्रिपुरा के धर्मनगर विधानसभा उपचुनाव में BJP उम्मीदवार जहर चक्रवर्ती ने निर्णायक जीत हासिल की। उन्हें कुल 24,291 वोट मिले, जिससे उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को बड़े अंतर से हराया। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) के उम्मीदवार अमिताभ दत्ता को 6,001 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार चयन भट्टाचार्य को 5,936 वोटों से संतोष करना पड़ा।
इसके अलावा अमरा बंगाली और SUCI(C) जैसी छोटी पार्टियों के उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा और वे मुकाबले में पीछे रहे। वहीं, नोटा (NOTA) विकल्प को 444 वोट मिले। धर्मनगर उपचुनाव में कुल 70.09 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
इसी तरह नागालैंड में भी BJP ने कोरिडांग विधानसभा उपचुनाव में मजबूत प्रदर्शन किया। मोकोकचुंग जिले की इस सीट पर पार्टी उम्मीदवार दाओचियर इमचेन ने जीत दर्ज की। उन्हें 7,317 वोट मिले और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय उम्मीदवार तोशिकाबा को हराया, जिन्हें 4,194 वोट मिले।
कोरिडांग सीट पर 75.06 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो इस क्षेत्र में चुनावी भागीदारी की मजबूत तस्वीर पेश करता है। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में पूरी हुई और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
दोनों राज्यों के परिणामों ने नॉर्थईस्ट में BJP की स्थिति को और मजबूत किया है। त्रिपुरा में बड़ी जीत और नागालैंड में निर्णायक बढ़त के साथ पार्टी ने क्षेत्रीय राजनीति में अपनी पकड़ को फिर से साबित किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये नतीजे न केवल BJP के संगठनात्मक विस्तार को दिखाते हैं, बल्कि यह भी संकेत देते हैं कि नॉर्थईस्ट के मतदाता लगातार पार्टी के विकास और प्रशासनिक एजेंडे पर भरोसा जता रहे हैं।
वहीं विपक्षी दलों के लिए यह परिणाम चिंता का विषय माना जा रहा है, क्योंकि कई सीटों पर उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका। छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी सीमित रहा।
कुल मिलाकर, त्रिपुरा और नागालैंड के उपचुनाव परिणामों ने नॉर्थईस्ट की राजनीति में BJP के बढ़ते प्रभाव को स्पष्ट कर दिया है और आने वाले चुनावों के लिए राजनीतिक समीकरणों को नया रूप दिया है।





