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Agartala अगरतला। त्रिपुरा सरकार के मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय ने राज्य की एक मिल की खराब स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संगठन के भीतर बढ़ती अनुशासनहीनता, गुटबाजी और आपसी प्रतिद्वंद्विता ने मिल के पतन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आवश्यकता से अधिक कर्मचारियों की भर्ती ने भी उत्पादन व्यवस्था और वित्तीय स्थिति पर गंभीर असर डाला। मंत्री ने कहा, "संगठन के भीतर लगातार अनुशासनहीनता, गुटबाजी और अलग-अलग समूहों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ती गई। इन कारणों ने मिल की कार्यप्रणाली को कमजोर किया और उसके पतन में बड़ी भूमिका निभाई।"
उन्होंने बताया कि आधिकारिक आकलन के अनुसार मशीनों के कुशल संचालन के लिए करीब 807 कर्मचारियों की ही आवश्यकता थी, जबकि उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगभग 850 कर्मचारियों का स्टाफ पर्याप्त माना गया था। प्रणजीत सिंघा रॉय ने कहा कि इसके बावजूद कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 2,253 कर दी गई, जिससे मिल पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा और संचालन प्रभावित हुआ। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत से अधिक भर्ती और प्रबंधन संबंधी कमियों के कारण संस्थान की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती चली गई। मंत्री के अनुसार, किसी भी औद्योगिक इकाई के सफल संचालन के लिए संसाधनों का संतुलित उपयोग, अनुशासित कार्यसंस्कृति और प्रभावी प्रबंधन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए सरकार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था पर जोर दे रही है।
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