त्रिपुरा

जन्माष्टमी पर त्रिपुरा से संदेश प्रेम सद्भाव और शांति का दिया संदेश

SHIDDHANT
4 Sept 2026 9:18 PM IST
जन्माष्टमी पर त्रिपुरा से संदेश प्रेम सद्भाव और शांति का दिया संदेश
x
Agartala अगरतला। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान श्री चैतन्य गौरी रमन श्री श्री जगन्नाथ देव मंदिर के अध्यक्ष भक्ति विकास स्वामी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन संदेश और उनके आदर्शों को याद करते हुए समाज में प्रेम, सम्मान और शांति बनाए रखने की अपील की। भक्ति विकास स्वामी महाराज ने कहा कि जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के शुभ प्राकट्य का पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण ने मानव कल्याण के लिए धरती पर अवतार लिया और लोगों को धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन केवल धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि मानव समाज के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके उपदेश आज भी लोगों को सही मार्ग पर आगे बढ़ने और अच्छे कर्म करने की प्रेरणा देते हैं। महाराज ने जन्माष्टमी के अवसर पर लोगों से आपसी संबंधों को मजबूत करने और समाज में प्रेम एवं भाईचारे को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती के लिए लोगों के बीच सम्मान, सहयोग और सद्भाव की भावना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संदेश हमें एक-दूसरे के प्रति करुणा, प्रेम और सम्मान का व्यवहार करने की सीख देता है। आज के समय में जब समाज में कई तरह की चुनौतियां हैं, ऐसे में श्रीकृष्ण के विचार और शिक्षाएं लोगों को एकता और शांति का मार्ग दिखाती हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की और सुख-शांति की कामना की।
भक्तों ने भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लिया। मंदिर परिसर में पूरे दिन आध्यात्मिक माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। भक्ति विकास स्वामी महाराज ने कहा कि ऐसे पर्व समाज को एक साथ आने का अवसर देते हैं। उन्होंने लोगों से मिलजुलकर रहने, रिश्तों को मजबूत करने और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं मानवता के लिए हमेशा प्रासंगिक रहेंगी और उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
Next Story