त्रिपुरा

दीपों से जगमगाया माताबारी मंदिर, CM माणिक साहा ने मनाई दिवाली

Ratna Netam
8 Nov 2026 9:18 PM IST
दीपों से जगमगाया माताबारी मंदिर, CM माणिक साहा ने मनाई दिवाली
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अगरतला। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने दीपावली के अवसर पर प्रसिद्ध माताबारी मंदिर में आयोजित भव्य समारोह में भाग लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक आस्था, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। दीपावली के पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने समारोह को विशेष महत्व दिया। मंदिर में दीपों की रोशनी और धार्मिक आयोजन के बीच श्रद्धालुओं ने त्योहार की खुशियां मनाईं।माताबारी मंदिर त्रिपुरा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। इसे त्रिपुरेश्वरी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। उदयपुर स्थित यह मंदिर देवी त्रिपुरेश्वरी को समर्पित है और हिंदू धर्म के प्रमुख शक्तिपीठों में इसकी विशेष मान्यता है। दीपावली के अवसर पर यहां धार्मिक कार्यक्रमों और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व रहता है। यही कारण है कि इस पर्व पर मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति देखने को मिलती है।मुख्यमंत्री माणिक साहा का माताबारी मंदिर के दिवाली समारोह में शामिल होना राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। त्रिपुरा में दीपावली केवल रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि देवी आराधना और सामूहिक उत्सव का भी अवसर है। विशेष रूप से माताबारी मंदिर में इस पर्व का आयोजन स्थानीय धार्मिक परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है।
तीन दिवसीय दिवाली महोत्सव का शुभारंभ
माताबारी मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय दीपावली महोत्सव का शुभारंभ 8 नवंबर को हुआ। यह आयोजन 10 नवंबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया और कल्याण सागर में आयोजित विशेष आरती में हिस्सा लिया। मंदिर परिसर में विशेष पूजा, यज्ञ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।इस वर्ष मंदिर और आसपास के क्षेत्रों को रंग-बिरंगी रोशनी तथा फूलों से सजाया गया है। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक मेले की भी व्यवस्था की गई है। आयोजकों के अनुसार, तीन दिनों में लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है।
कल्याण सागर में विशेष आरती बनी आकर्षण
महोत्सव के पहले दिन कल्याण सागर में आयोजित विशेष आरती श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया। आरती के लिए करीब दो से तीन हजार मिट्टी के दीयों और 25 ढोल वादकों की व्यवस्था की गई थी।मंदिर में महायज्ञ और त्रिपुरा सुंदरी स्तोत्र के पाठ सहित कई धार्मिक कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। काशी से आने वाले पुजारियों द्वारा विशेष मंगल आरती का आयोजन भी महोत्सव का हिस्सा है।दीपों की रोशनी और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल रहा। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन देवी त्रिपुरा सुंदरी की आराधना के साथ दीपावली की खुशियां मनाने का विशेष अवसर बना।
525 साल पुराना है त्रिपुरा सुंदरी मंदिर
माताबारी मंदिर का इतिहास लगभग 525 वर्ष पुराना है। इसका निर्माण वर्ष 1501 में त्रिपुरा के महाराजा धन्य माणिक्य ने करवाया था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में शामिल है।मान्यता है कि इस स्थान पर देवी सती के दाहिने पैर का हिस्सा गिरा था। मंदिर कछुए के आकार की पहाड़ी पर स्थित है, जिसके कारण इसे कूर्म पीठ भी कहा जाता है। मंदिर के समीप स्थित कल्याण सागर सरोवर का भी विशेष धार्मिक महत्व है।माताबारी में दिवाली मेले की परंपरा वर्ष 1903 से चली आ रही है। इस आयोजन में त्रिपुरा के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी श्रद्धालु शामिल होते हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और ड्रोन शो की व्यवस्था
इस बार दिवाली महोत्सव को धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक उत्सव का रूप भी दिया गया है। आयोजकों ने लोकनृत्य, बाउल संगीत, नृत्य नाटिका और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की व्यवस्था की है।मेले में 591 व्यावसायिक दुकानों और स्टॉल के अलावा 21 सरकारी प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाने की जानकारी दी गई है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 1,600 से अधिक कलाकारों के नाम दर्ज किए गए हैं।ड्रोन शो को भी इस वर्ष के आयोजन का प्रमुख आकर्षण बनाया गया है। इसके अलावा त्रिपुरा की पारंपरिक संस्कृति, स्थानीय व्यंजन और हस्तकला को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल भी तैयार किए गए हैं। बच्चों और परिवारों के लिए अलग मनोरंजन क्षेत्र की व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए गोमती जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन के लिए लगभग 800 स्वयंसेवकों की तैनाती की योजना बनाई गई है।श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। त्रिपुरा स्टेट राइफल्स, पुलिस और त्वरित प्रतिक्रिया दलों की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई है।प्रशासन ने पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सहायता और एंबुलेंस की सुविधाओं पर भी ध्यान दिया है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने दीपावली के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि दीपावली अंधकार को दूर कर प्रकाश और निराशा को दूर कर आशा की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती है।मुख्यमंत्री ने मां त्रिपुरा सुंदरी से राज्य के प्रत्येक परिवार के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने समाज में एकता, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने का संदेश भी दिया।माताबारी मंदिर में आयोजित दिवाली महोत्सव त्रिपुरा की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण आयोजन है। मुख्यमंत्री माणिक साहा की भागीदारी, विशेष आरती, पारंपरिक मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ तीन दिवसीय उत्सव की शुरुआत हुई है। आगामी दो दिनों तक मंदिर परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां जारी रहेंगी।
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