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CM साहा को सौंपी रिपोर्ट, 2030-31 तक स्थानीय निकायों के लिए सिफारिशें
त्रिपुरा: छठे राज्य वित्त आयोग (SFC) ने शुक्रवार, 31 जुलाई को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में वित्तीय विकेंद्रीकरण को मजबूत करने, स्थानीय शासन को बेहतर बनाने और पंचायती राज संस्थाओं (PRIs), शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) और त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (TTAADC) की वित्तीय क्षमता बढ़ाने के लिए सिफारिशें की गई हैं।
आयोग के अध्यक्ष अभिषेक सिंह (IAS) ने सदस्य डॉ. पल्लब कांति घोषाल और सदस्य सचिव डॉ. अकिंचन सरकार (IAS) के साथ मिलकर औपचारिक रूप से यह रिपोर्ट सौंपी।
संविधान के अनुच्छेद 243(I) और 243(Y) के तहत त्रिपुरा सरकार द्वारा 7 जनवरी, 2025 को गठित छठे राज्य वित्त आयोग को स्थानीय स्व-शासन संस्थाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने और ग्रामीण व शहरी स्थानीय निकायों तथा TTAADC के बीच राज्य के वित्तीय संसाधनों के बंटवारे के लिए सिद्धांत सुझाने का काम सौंपा गया था।
आयोग ने जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करने के लिए इन संस्थाओं की वित्तीय और प्रशासनिक कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के उपायों पर भी विचार किया।
रिपोर्ट प्राप्त करते हुए मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि इसे सरकारी विभागों, स्थानीय स्व-शासन संस्थाओं और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सिफारिशों की सावधानीपूर्वक जांच करेगी और स्थानीय स्व-शासन को और मजबूत करने तथा पूरे त्रिपुरा में संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाएगी।
आयोग के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने आयोग के अध्ययन के दौरान सहयोग और बहुमूल्य सुझाव देने के लिए ग्रामीण विकास (पंचायत) विभाग, शहरी विकास विभाग, वित्त विभाग, निर्वाचित प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों का धन्यवाद किया।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अब इस रिपोर्ट को मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जाएगा। इसकी मंजूरी के बाद, संबंधित विभागों द्वारा 2026-27 से 2030-31 की अवधि के दौरान सिफारिशों को लागू किए जाने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने कहा कि यह रिपोर्ट वित्तीय विकेंद्रीकरण को मजबूत करने, स्थानीय स्व-शासन संस्थाओं के कामकाज को बेहतर बनाने और पूरे राज्य में समावेशी व सतत विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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