त्रिपुरा

त्रिपुरा में आपदा प्रबंधन की बड़ी तैयारी सचिवालय में हुआ लाइव डेमो

Ratna Netam
13 Oct 2026 9:34 PM IST
त्रिपुरा में आपदा प्रबंधन की बड़ी तैयारी सचिवालय में हुआ लाइव डेमो
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अगरतला। त्रिपुरा प्रशासन ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस (IDDRR) के अवसर पर राजधानी अगरतला स्थित सिविल सचिवालय परिसर में आपदा प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियों को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न एजेंसियों ने हिस्सा लिया और आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई तथा राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़ी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य के मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा ने की। उन्होंने आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का आयोजन वर्ष 2026 की वैश्विक थीम 'रेजिलिएंस स्टार्ट्स एट होम' यानी 'आपदाओं से निपटने की क्षमता घर से शुरू होती है' के तहत किया गया। संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय ने इस वर्ष की थीम निर्धारित की है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को घर और समुदाय के स्तर पर आपदाओं के प्रति जागरूक बनाना तथा संभावित खतरों से बचाव के लिए पहले से तैयारी करने के महत्व को समझाना है।
सिविल सचिवालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, समय पर सूचना का आदान-प्रदान और प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त तैयारी आवश्यक है। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक स्तरों पर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय विभिन्न विभागों का एक साथ काम करना महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए आवश्यक है कि संबंधित एजेंसियां अपनी जिम्मेदारियों को समझें और आपात स्थितियों में समन्वित तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें।
कार्यक्रम में राजस्व सचिव मिलिंद रामटेके सहित राज्य प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान आपदा जोखिम कम करने, प्रशासनिक तैयारियों को बेहतर बनाने और राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता बढ़ाने से जुड़े विषयों पर ध्यान दिया गया।
आयोजन की प्रमुख विशेषता लाइव डेमो और व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र रहे। इन गतिविधियों का उद्देश्य आपात स्थिति में प्रतिक्रिया देने की क्षमता में सुधार करना था। कार्यक्रम के दौरान संबंधित एजेंसियों ने आपदा से निपटने की तैयारियों और व्यावहारिक उपायों से जुड़े प्रदर्शन किए। प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई के महत्व पर जोर दिया गया।
अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस प्रत्येक वर्ष 13 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य दुनिया भर में आपदा जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और ऐसी व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करना है, जिनसे प्राकृतिक तथा अन्य आपदाओं के कारण होने वाले जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, आपदा से बचाव की तैयारी केवल सरकारी संस्थाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि परिवारों और स्थानीय समुदायों की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
इस वर्ष की थीम में विशेष रूप से घरों की सुरक्षा, जोखिम के बारे में सही जानकारी और परिवारों की आपातकालीन तैयारियों पर ध्यान दिया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि किसी भी आपदा का प्रभाव सबसे पहले उनके दैनिक जीवन और आवास पर पड़ सकता है। इसलिए सुरक्षित आवास, समय पर चेतावनी और आवश्यक बचाव उपायों की जानकारी महत्वपूर्ण है।
त्रिपुरा में अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर अन्य स्थानों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। त्रिपुरा पुलिस ने भी इस अवसर पर आपदा तैयारियों की शपथ ली। वहीं, राज्य के शैक्षणिक संस्थानों और जिला स्तर पर प्राथमिक उपचार तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम हुए।
अगरतला के सिविल सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से राज्य प्रशासन ने आपदा प्रबंधन तैयारियों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल और सभी प्रशासनिक स्तरों पर तैयारी मजबूत करने की आवश्यकता दोहराई।
कार्यक्रम में आयोजित लाइव डेमो और प्रशिक्षण गतिविधियों ने आपदा से निपटने के लिए व्यावहारिक अभ्यास के महत्व को रेखांकित किया। राज्य सरकार का जोर आपदा जोखिम कम करने, एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता बेहतर बनाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने पर रहा।
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