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Tripura त्रिपुरा: त्रिपुरा में लगातार हुई भारी बारिश ने कृषि और बागवानी क्षेत्र को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। राज्य के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने 2 मई को जानकारी देते हुए बताया कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण पूरे राज्य में फसलों पर व्यापक असर पड़ा है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, 21,000 मीट्रिक टन से अधिक उपज प्रभावित हुई है, जबकि कुल वित्तीय नुकसान लगभग 59.17 करोड़ रुपये आंका गया है।
मंत्री के अनुसार, 27 से 29 अप्रैल के बीच राज्य में औसतन 133.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान कई क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति और मिट्टी का कटाव देखने को मिला। खासतौर पर निचले इलाकों में स्थिति अधिक गंभीर रही, जहां खेतों में पानी भरने से खड़ी फसलें खराब हो गईं।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो कमलपुर क्षेत्र में सबसे अधिक 283 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद विश्रामगंज में 278 मिमी और खोवाई में 230 मिमी बारिश हुई। इन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के कारण कृषि गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हुईं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के चलते खेतों में जल निकासी की समस्या उत्पन्न हुई, जिससे फसलों की जड़ों को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा मिट्टी के कटाव के कारण खेतों की उपजाऊ क्षमता पर भी असर पड़ा है। कई जगहों पर बागवानी फसलें भी प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों की आय पर सीधा प्रभाव पड़ा है।
राज्य सरकार ने स्थिति का आकलन करने के लिए विभिन्न जिलों में सर्वे शुरू कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि किसानों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित किसानों को सहायता देने के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
मंत्री रतन लाल नाथ ने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है और नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावित इलाकों में तुरंत पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और राहत कार्यों को तेज करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की असामान्य वर्षा कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। मौसम के बदलते पैटर्न के कारण फसल उत्पादन पर असर पड़ रहा है, जिससे किसानों की आय और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
किसानों ने भी सरकार से शीघ्र राहत और मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार बारिश के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है और उन्हें आर्थिक सहायता की जरूरत है।
कुल मिलाकर, त्रिपुरा में हुई भारी बारिश ने कृषि और बागवानी क्षेत्र को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। अब सरकार और प्रशासन के सामने चुनौती है कि वे जल्द से जल्द राहत उपाय लागू करें और किसानों को इस नुकसान से उबारने में मदद करें।
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