त्रिपुरा
सुरक्षा और पर्यटन पर जोर: अगरतला में 23 अक्टूबर को 'मायेर गमन'
Tara Tandi
22 Sept 2026 3:20 PM IST

x
अगरतला: 23 अक्टूबर को सालाना ‘मायेर गमन’ समारोह की मेज़बानी करेगा। इसके लिए महारानी तुलसीबती हायर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल के सामने की जगह को एक बार फिर मुख्य स्थल के तौर पर चुना गया है।
यह फ़ैसला सोमवार को मुक्तधारा ऑडिटोरियम में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा की अध्यक्षता में शरद सम्मान और ‘मायेर गमन’ समारोह की तैयारी के लिए हुई बैठक में लिया गया। इस बैठक का आयोजन सूचना और संस्कृति विभाग ने किया था।
बैठक के दौरान, कई दुर्गा पूजा कमेटियों के प्रतिनिधियों ने त्योहार और मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे पर रोक लगाने की मांग की।
साहा ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि ‘मायेर गमन’ के दौरान किसी तरह की रुकावट न आए, इसलिए त्योहारों से पहले सड़क किनारे पेड़ों की छंटाई और बिजली के तारों को हटाने का काम पूरा कर लिया जाए। उन्होंने पुलिस को यह भी निर्देश दिया कि पूजा के दिनों में एम्बुलेंस की आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो और सुरक्षा व कानून-व्यवस्था के पुख्ता इंतज़ाम किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने राज्य से बाहर भी ‘मायेर गमन’ को बढ़ावा देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और इस कार्यक्रम को देखने के लिए विदेशी पर्यटकों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे त्रिपुरा में ज़्यादा पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दुर्गा पूजा और ‘मायेर गमन’ के आस-पास विशेष टूरिज़्म पैकेज पर विचार करें।
विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की ज़रूरत बताते हुए साहा ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि समारोह का आयोजन सुचारू रूप से हो सके।
अगरतला नगर निगम के मेयर और विधायक दीपक मजूमदार ने कहा कि सरकार का मकसद सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से दुर्गा पूजा और ‘मायेर गमन’ को सफल बनाना है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बहुत ज़रूरी है ताकि लोग बिना किसी रुकावट के त्योहारों में शामिल हो सकें।
मजूमदार ने प्रमुख पूजा क्लबों से ‘मायेर गमन’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने की अपील भी की। उन्होंने बताया कि पूजा से जुड़ी मंज़ूरी के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम शुरू किया गया है और रजिस्ट्रेशन फ़ीस माफ़ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल अगरतला शहर में 697 दुर्गा पूजा समारोह आयोजित किए गए थे।
सूचना और संस्कृति विभाग के सचिव किरण गिट्टे ने कहा कि ‘मायेर गमन’, जिसका आयोजन 2022 से अगरतला में किया जा रहा है, धीरे-धीरे त्रिपुरा की सांस्कृतिक पहचान बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र के तौर पर और विकसित करने की कोशिश की जानी चाहिए। IGP (कानून-व्यवस्था) मंचक इप्पर ने पूजा आयोजकों से अपील की कि वे ज़बरदस्ती चंदा वसूलने से बचें और उत्सव के दौरान ट्रैफ़िक नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
Next Story





