त्रिपुरा

2021 की वोटर लिस्ट पर विवाद: त्रिपुरा कांग्रेस ने मांगी केंद्रीय सुरक्षा

Tara Tandi
29 Oct 2026 6:50 PM IST
2021 की वोटर लिस्ट पर विवाद: त्रिपुरा कांग्रेस ने मांगी केंद्रीय सुरक्षा
x
त्रिपुरा: त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) ने 29 अक्टूबर को आगामी नगर निकाय चुनावों के लिए अक्टूबर 2021 की मतदाता सूची के इस्तेमाल पर सवाल उठाए और स्वतंत्र व शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की।
अगरतला में पत्रकारों से बात करते हुए, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग और प्रशासन से पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
साहा ने कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी पात्र मतदाता को वोट देने के अधिकार से वंचित न रखा जाए। उन्होंने आगामी नगर निकाय चुनावों के आधार के रूप में 2021 की मतदाता सूची के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता ने सीटों के आरक्षण रोस्टर को लागू करने में अनियमितताओं का आरोप लगाया और मांग की कि सीटों का आवंटन लागू कानूनों और तय नियमों के अनुसार ही हो। उन्होंने दावा किया कि आरक्षण प्रक्रिया में बार-बार बदलाव किसी एक राजनीतिक दल को फायदा पहुंचा सकते हैं।
साहा ने बताया कि कांग्रेस ने प्रशासन को संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों की सूची सौंपी है और चुनाव सुरक्षा के लिए अतिरिक्त केंद्रीय बलों की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी मांगों पर राज्य चुनाव आयोग की ओर से कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला है।
निष्पक्ष रवैया अपनाने की अपील करते हुए, साहा ने आयोग से आग्रह किया कि वे ऐसे कदम उठाएं जिससे चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों।
CPI(M) के साथ चुनावी तालमेल की संभावना पर साहा ने कहा कि पार्टी के भीतर बातचीत चल रही है और अगले कुछ दिनों में कोई फैसला लिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस का मुख्य लक्ष्य BJP को हराना होगा।
साहा ने सत्ताधारी दल पर कुशासन, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पहाड़ी और मैदानी, दोनों ही इलाकों में सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी बढ़ रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि एक स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया बहुत जरूरी है, ताकि नतीजों में जनता का जनादेश सही ढंग से झलक सके।
Next Story