त्रिपुरा
BSF जवानों से हथियार छीनकर मारपीट, 9 आरोपी गिरफ्तार
Rajeshwari Nishad
3 Nov 2026 2:55 PM IST

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अगरतला। त्रिपुरा के सेपाहिजाला जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने की गंभीर घटना सामने आई है। बॉक्सनगर के अशाबाड़ी इलाके में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग बीएसएफ जवानों को घेरकर मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। घटना के दौरान जवानों के हथियार छीनने की कोशिश और सरकारी वाहन में तोड़फोड़ किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, इस हिंसक झड़प में कम से कम तीन बीएसएफ जवान घायल हुए हैं। मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी की खबर है।
यह घटना सोमवार, 2 नवंबर 2026 को अशाबाड़ी सीमा चौकी के आसपास हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इलाके में संदिग्ध तस्करी गतिविधियों को लेकर बीएसएफ की कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीणों और जवानों के बीच विवाद हो गया। विवाद धीरे-धीरे हिंसक झड़प में बदल गया।घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गाड़ी से उतरते ही जवानों को घेरकर पीटा
वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि कुछ बीएसएफ जवान एक वाहन से बाहर निकलते हैं। इसके बाद वहां मौजूद लोगों का समूह जवानों को घेर लेता है।वीडियो में कुछ लोग जवानों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करते नजर आते हैं।इस दौरान लाठियों से हमला किए जाने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।कुछ दृश्यों में एक जवान अपने हथियार को बचाने का प्रयास करता दिखाई देता है, जबकि कई लोग उसे घेरकर हमला करते हैं।वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा बलों पर इस तरह हमले को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली घटनाओं का पूरा क्रम और उससे पहले की परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी।
ग्रामीण से मारपीट के आरोप के बाद बढ़ा विवाद
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना से पहले एक स्थानीय व्यक्ति को लेकर बीएसएफ जवानों और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ था।बताया जा रहा है कि बीएसएफ ने संदिग्ध तस्करी गतिविधियों के सिलसिले में एक व्यक्ति को रोका था।इसके बाद स्थानीय लोगों की ओर से उस व्यक्ति के साथ कथित मारपीट का आरोप लगाया गया।इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।कुछ ही देर में विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और भीड़ ने जवानों पर हमला कर दिया।हालांकि, ग्रामीण के साथ कथित मारपीट की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
तीन बीएसएफ जवान हुए घायल
पुलिस के अनुसार, भीड़ के हमले में कम से कम तीन बीएसएफ जवान घायल हुए हैं।घटना के दौरान जवानों को लाठियों और अन्य वस्तुओं से निशाना बनाए जाने का आरोप है।रिपोर्टों के मुताबिक, घायल जवानों में एक अधिकारी भी शामिल है।हमले के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी।सीमा सुरक्षा बल के जवानों के साथ इस तरह की हिंसा को गंभीर मामला माना जा रहा है, क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभाते हैं।पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले में कौन-कौन लोग शामिल थे।
जवानों के हथियार छीनने की कोशिश
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप जवानों के सरकारी हथियार छीनने से जुड़ा है।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमले के दौरान कुछ लोगों ने जवानों के हथियार छीनने की कोशिश की।कुछ रिपोर्टों में एक हथियार छीने जाने का भी उल्लेख किया गया है।इसके अलावा बीएसएफ के सरकारी वाहन में तोड़फोड़ किए जाने की जानकारी सामने आई है।हथियार छीनने की कोशिश सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत गंभीर मानी जाती है।पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि हमला अचानक हुए विवाद का परिणाम था या इसमें शामिल कुछ लोगों ने पहले से हिंसा की तैयारी की थी।
आठ लोगों की गिरफ्तारी
घटना के बाद त्रिपुरा पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की।सेपाहिजाला जिले के पुलिस अधीक्षक बिजोय देबबर्मा के अनुसार, बीएसएफ जवानों पर हमले के मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।शुरुआती रिपोर्टों में छह गिरफ्तारियों की जानकारी सामने आई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में संख्या आठ बताई गई।पुलिस ने घटना में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।जांचकर्ताओं के सामने अब वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की भूमिका निर्धारित करने की चुनौती है।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने की हमले की निंदा
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बीएसएफ जवानों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है।मुख्यमंत्री ने घटना को गंभीर बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही है।उन्होंने सीमा सुरक्षा में तैनात जवानों पर हिंसा को अस्वीकार्य बताया।मुख्यमंत्री के बयान के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले में कार्रवाई तेज की है।राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भारत-बांग्लादेश सीमा के पास हुई घटना
अशाबाड़ी क्षेत्र त्रिपुरा के बॉक्सनगर इलाके में स्थित है। यह क्षेत्र भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक है।सीमावर्ती क्षेत्रों में बीएसएफ को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी जाती है।इसी कारण यहां सुरक्षाबलों और स्थानीय आबादी के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होता है।हालांकि, किसी संदिग्ध गतिविधि को लेकर कार्रवाई के दौरान विवाद होने पर भी हिंसा का सहारा लेना कानूनन उचित नहीं है।ऐसी परिस्थितियों में शिकायत दर्ज कराने और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।
क्या तस्करी से जुड़ा था विवाद?
कुछ रिपोर्टों में हमलावरों के संदिग्ध तस्करी गतिविधियों से जुड़े होने की आशंका जताई गई है।बीएसएफ की कार्रवाई भी कथित तस्करी की सूचना से संबंधित बताई जा रही है।हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने से पहले सभी हमलावरों को तस्कर कहना उचित नहीं होगा।जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति को क्यों रोका गया था और इसके बाद किस परिस्थिति में विवाद बढ़ा।पुलिस को यह भी स्पष्ट करना होगा कि घटना में शामिल लोगों की अलग-अलग भूमिकाएं क्या थीं।
वायरल वीडियो बना महत्वपूर्ण साक्ष्य
बीएसएफ जवानों पर हमले का वीडियो सामने आने के बाद घटना ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया है।वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान करना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।इसके अलावा आसपास मौजूद लोगों के बयान और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्य भी महत्वपूर्ण होंगे।पुलिस के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि जिन व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, उनकी संलिप्तता विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर स्थापित हो।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल त्रिपुरा पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है।घटना के दौरान बीएसएफ जवानों के साथ मारपीट, हथियार छीनने की कोशिश तथा सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोपों की जांच की जा रही है।पुलिस स्थानीय ग्रामीण के साथ कथित मारपीट के आरोप और सुरक्षाबलों पर हुए हमले की परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही है।
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