तेलंगाना

राष्ट्रपति निवास बोलारम में विश्व छात्र दिवस, युवा परियोजनाओं में दिखी तकनीकी और रचनात्मक प्रतिभा

SHIDDHANT
15 Oct 2025 10:17 PM IST
राष्ट्रपति निवास बोलारम में विश्व छात्र दिवस, युवा परियोजनाओं में दिखी तकनीकी और रचनात्मक प्रतिभा
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Hyderabad हैदराबाद। राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास राष्ट्रपति निवास, बोलारम में बुधवार को ‘विश्व छात्र दिवस’ मनाया गया। यह आयोजन पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर किया गया, जिनका जीवन और योगदान युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है।
इस अवसर पर ‘विकसित भारत @ 2047’ विषय पर एक विशेष परियोजना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में छात्रों ने अपने नवीन विचार और तकनीकी दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। लगभग 25 परियोजनाएं विभिन्न स्कूलों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेजों के छात्रों द्वारा प्रदर्शित की गईं। इन परियोजनाओं में छात्रों की रचनात्मकता, तकनीकी क्षमता और भविष्य की सोच झलक रही थी।
मुख्य परियोजनाओं में शामिल थीं:
Pranav International School – दीप स्पेस कम्युनिकेशन परियोजना, जो अंतरिक्ष में डेटा संचार के नवीन तरीकों पर केंद्रित थी।
ZPHS Vanasthalipuram – स्मार्ट हाउस परियोजना, जिसमें स्मार्ट घर तकनीक और ऊर्जा संरक्षण पर जोर दिया गया।
BVB Bhavans – दृष्टिहीन लोगों के लिए स्पेक्ट्रल उपकरण का प्रोजेक्ट, जो दृष्टिहीनों की जीवन गुणवत्ता सुधारने के लिए विकसित किया गया।
Ocimum International School – वेस्ट टू एनर्जी कन्वर्शन प्रोजेक्ट, जो कचरे से ऊर्जा उत्पन्न करने की तकनीक पर आधारित था।
ZPHS Yarragunta – ब्लाइंडमैन स्टिक परियोजना, जिसमें दृष्टिहीन लोगों के लिए सहायक उपकरण विकसित किया गया।
रिलीज़ के अनुसार, इस कार्यक्रम में कुल 1,840 छात्रों ने हिस्सा लिया और उत्साहपूर्वक परियोजनाओं का अवलोकन किया। आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और तकनीकी नवाचार के महत्व को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के आयोजन छात्रों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और भविष्य की तकनीकी परियोजनाओं के लिए प्रेरणा पैदा करते हैं। इसके अलावा, यह कार्यक्रम डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के सपनों और दृष्टिकोण को जीवंत रखने का भी प्रयास है।
आयोजकों ने यह भी बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य सिर्फ तकनीकी प्रदर्शन नहीं है, बल्कि छात्रों को समस्या समाधान क्षमता, नवाचार और नेतृत्व कौशल विकसित करने का अवसर भी देना है। छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट्स के माध्यम से यह प्रदर्शित किया कि वे विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सक्रिय योगदान देने के लिए तैयार हैं।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और शिक्षकों ने छात्रों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन शैक्षणिक अनुभव को बढ़ाते हैं और युवा मस्तिष्कों को प्रोत्साहित करते हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्रों और शिक्षकों ने संवाद, डेमो और चर्चा के माध्यम से अपने ज्ञान और अनुभवों का आदान-प्रदान भी किया।
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