तेलंगाना

Hyderabad में ज़ियागुडा बूचड़खाना बंद होने पर मजदूरों का विरोध

Harrison
7 April 2026 9:40 PM IST
Hyderabad में ज़ियागुडा बूचड़खाना बंद होने पर मजदूरों का विरोध
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Telangana तेलंगाना: Hyderabad में ज़ियागुडा बूचड़खाने के बंद होने से स्थानीय दिहाड़ी मजदूर और विक्रेता परेशान हैं। यह सुविधा बंद होने के बाद मजदूरों ने सीधे GHMC और कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
मजदूरों का कहना है कि बूचड़खाने पर उनकी आजीविका निर्भर है और बंद होने से उनकी रोज़मर्रा की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने सरकार और GHMC से जल्द से जल्द बूचड़खाने को पुनः चालू करने की मांग की।
इस विरोध में Gelu Srinivas Yadav समेत BRS नेताओं ने भी मजदूरों का समर्थन किया। मजदूरों ने रविवार तक बूचड़खाने को खोलने की डेडलाइन तय की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे GHMC हेडक्वार्टर के सामने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेंगे।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों मजदूर शामिल थे, जिन्होंने अपने हक और आजीविका के लिए आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि बंदी से न केवल उनका रोजगार प्रभावित हुआ है, बल्कि स्थानीय बाजार और आपूर्ति श्रृंखलाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
GHMC अधिकारियों ने बताया कि बंदी के पीछे स्वास्थ्य और साफ-सफाई संबंधित कारण हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान निकालने के लिए जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी। हालांकि, मजदूरों का कहना है कि उनके जीवन और रोजगार की चिंता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के बूचड़खानों की बंदी से स्थानीय दिहाड़ी मजदूर और छोटे व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि वे मजदूरों और स्थानीय समुदाय की आजीविका को ध्यान में रखते हुए निर्णय लें।
स्थानीय नेताओं और मजदूर संगठनों ने कहा कि वे लगातार इस मुद्दे को उठाएंगे और यदि आवश्यक हुआ तो और बड़े प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह का रोजगार संकट राज्य के सामाजिक और आर्थिक संतुलन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
मजदूरों ने यह भी कहा कि उन्हें GHMC और राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब चाहिए कि बूचड़खाने को फिर कब खोला जाएगा। स्थानीय नागरिक और व्यापारी भी इस मुद्दे में मजदूरों के समर्थन में हैं, क्योंकि बंदी से बाजार और स्थानीय आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
इस बीच, प्रशासन ने यह संकेत दिया है कि स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रित करने के लिए चर्चा और समाधान प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मजदूरों और नेताओं ने प्रशासन से बातचीत के लिए सकारात्मक संकेत की मांग की है।
स्थानीय मीडिया ने बताया कि अगर रविवार तक बूचड़खाना नहीं खोला गया, तो मजदूर बड़े पैमाने पर GHMC हेडक्वार्टर के सामने प्रदर्शन करने का प्लान बना रहे हैं। इसका असर शहर के कई हिस्सों में देखा जा सकता है।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार को रोजगार और आजीविका के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए और ऐसे मामलों में समय पर संवाद स्थापित करना चाहिए, ताकि हिंसा और बड़े प्रदर्शन से बचा जा सके।
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