तेलंगाना

कौन हैं ऑक्सफोर्ड की प्रोफेसर माया ट्यूडर जिनके नाम पर गरमाई राजनीति

Ratna Netam
22 Aug 2026 4:50 PM IST
कौन हैं ऑक्सफोर्ड की प्रोफेसर माया ट्यूडर जिनके नाम पर गरमाई राजनीति
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तेलंगाना : मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की ऑक्सफोर्ड यात्रा और वहां हुई एक मुलाकात को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री की प्रोफेसर माया ट्यूडर से मुलाकात पर सवाल उठाते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा नेताओं ने माया ट्यूडर को लेकर “एंटी-इंडिया” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
कौन हैं प्रो. माया ट्यूडर?
प्रोफेसर माया ट्यूडर ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड से जुड़ी एक शिक्षाविद हैं। वह ऑक्सफोर्ड के ब्लावात्निक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में प्रोफेसर हैं। उनका काम मुख्य रूप से राजनीति, शासन व्यवस्था, लोकतंत्र और संस्थानों से जुड़े विषयों पर केंद्रित है।
माया ट्यूडर ने लोकतंत्र, राजनीतिक संस्थाओं और विकासशील देशों में शासन व्यवस्था को लेकर कई शोध किए हैं। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीति विज्ञान और पब्लिक पॉलिसी के क्षेत्र में काम करने वाली शिक्षाविदों में शामिल हैं।
रेवंत रेड्डी से मुलाकात पर क्यों हुआ विवाद?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की टीम ने ऑक्सफोर्ड में प्रो. माया ट्यूडर से मुलाकात की थी। यह मुलाकात उस समय चर्चा में आई जब भाजपा नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई। भाजपा का आरोप है कि माया ट्यूडर के कुछ विचार भारत से जुड़े मुद्दों पर आलोचनात्मक रहे हैं।
भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री को ऐसे लोगों से मुलाकात क्यों करनी चाहिए, जिनके विचारों को पार्टी भारत विरोधी मानती है। भाजपा सांसद अरविंद धर्मपुरी समेत कुछ नेताओं ने इस मुलाकात को लेकर रेवंत रेड्डी पर निशाना साधा।
भाजपा का क्या आरोप है?
भाजपा नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि और हितों का ध्यान रखना चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी शिक्षाविद भारत की नीतियों और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर नकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं।
भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि रेवंत रेड्डी की विदेश यात्रा का उद्देश्य क्या था और वहां किन लोगों से मुलाकात की गई। पार्टी नेताओं ने इस मुलाकात को राजनीतिक मुद्दा बना दिया है।
कांग्रेस का पक्ष
वहीं कांग्रेस की ओर से भाजपा के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर या शिक्षाविद से मुलाकात करना सामान्य प्रक्रिया है।
कांग्रेस का तर्क है कि मुख्यमंत्री विदेश यात्राओं के दौरान शिक्षा, निवेश, तकनीक और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हैं। ऐसे में किसी विशेषज्ञ या शिक्षाविद से मुलाकात को गलत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
माया ट्यूडर के काम का क्षेत्र
माया ट्यूडर का अकादमिक क्षेत्र लोकतंत्र और शासन व्यवस्था से जुड़ा है। वह राजनीतिक संस्थाओं की मजबूती, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सार्वजनिक नीति जैसे विषयों पर अध्ययन करती हैं।
विश्वविद्यालयों में शिक्षाविद अक्सर विभिन्न देशों की राजनीति और सामाजिक व्यवस्था पर शोध करते हैं। उनके विचारों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की राय अलग हो सकती है।
राजनीतिक विवाद क्यों बढ़ा?
भारत में विदेश यात्राओं और विदेशी संस्थानों से जुड़ी बैठकों को लेकर अक्सर राजनीतिक विवाद सामने आते रहे हैं। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही ऐसे मुद्दों को अपने-अपने नजरिए से देखते हैं।
रेवंत रेड्डी की माया ट्यूडर से मुलाकात भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है। भाजपा इसे वैचारिक मुद्दा बना रही है, जबकि कांग्रेस इसे सामान्य शैक्षणिक संवाद बता रही है।
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